गोरखपुर। लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर में उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे उद्यमियों के लिए जल्द ही अवसर मिलने वाला है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) यहां 100 से अधिक भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इनमें मेगा यूनिटों के साथ लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिए भी जमीन शामिल होगी।
अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित गीडा बोर्ड की बैठक में छोटे उद्योगों के लिए भूखंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इनके आवंटन के लिए विज्ञापन जारी होने की उम्मीद है। धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में बड़े निवेशकों को जमीन देने के बाद अब छोटे और मध्यम उद्यमों को भी आकर्षित करने की तैयारी है। यहां केयान डिस्टलरी से लेकर अदाणी समूह तक को जमीन आवंटित की जा चुकी है। औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
धुरियापार टाउनशिप के अलग-अलग सेक्टरों में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ी सड़कें और ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बेहतर आंतरिक कनेक्टिविटी और जल निकासी की व्यवस्था से उद्योगों के संचालन में आसानी होगी। इससे कच्चे माल की ढुलाई और तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह के अनुसार, उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन की उपलब्धता और बेहतर कनेक्टिविटी सबसे जरूरी है। इन सुविधाओं के लिहाज से धुरियापार उद्यमियों के लिए अनुकूल है। गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने बताया कि छोटे उद्योगों के लिए भूखंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद विज्ञापन जारी किया जाएगा।