अवस्थापना निधि एवं त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) जिन 200 कार्यों का निर्माण करा रहा है, उन सभी की रफ्तार निगरानी तेज होने पर बढ़ गई है। इन कामों की सुस्त रफ्तार की शिकायत होने पर जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने करीब पखवारे भर पहले मुख्य अभियंता पीपी सिंह के नेतृत्व में सभी एक्सईएन, एई और जेई की टीम गठित की थी। निर्देश दिए गए थे कि हर अभियंता रोजाना दो से तीन कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण करेगा और फोटोग्राफ के साथ उसकी रिपोर्ट देगा।
सख्ती के बाद जैसे ही निगरानी का काम तेज हुआ, संबंधित कार्यों में से ज्यादातर की रफ्तार बढ़ गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। आरसीसी सड़क बनाते समय तो निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची ही जा रही है, बन जाने के बाद भी सड़क के बीच से गोल हिस्सा काटकर निकाला जा रहा है। इसकी भी तकनीकी जांच कराकर सड़क की मजबूती परखी जा रही है।
जीडीए के सचिव उदय प्रताप सिंह भी रोजाना योजनाओं की प्रगति जांच रहे हैं। गोरखपुर शहर क्षेत्र में अवस्थापना निधि से करीब 70 करोड़ रुपये के काम कराए जा रहे हैं। इसी तरह करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत सड़क व नाली का निर्माण किया जा रहा है। नगर निगम में शामिल हुए 32 नए गांवों में ये काम हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर सड़कें आरसीसी बनाई जा रही हैं।
इन कार्यों की दिखने लगी रफ्तार
त्वरित विकास योजना के तहत शिवाजीनगर में सीसी रोड का निर्माण, गिरधरगंज स्कूल के नवीनीकरण का काम, पैडलेगंज-नया सवेरा मार्ग के किनारे ह्यूम पाइपलाइन डालने का काम, बशारतपुर में सीसी रोड निर्माण, मेडिकल रोड पर शक्ति नगर कॉलोनी में सीसी रोड का निर्माण, महंत दिग्विजयनाथ पार्क में स्मार्ट टॉयलेट, जंगल शालिग्राम पूर्व माध्यमिक विद्यालय का नवीनीकरण आदि कार्यों की रफ्तार दिखने लगी है।