गोरखपुर जिले के इतने बदमाशों ने दूसरे जिलों में किए अपराध
- 612 बदमाश हत्या में जेल गए
- 86 महिलाओं से लूट या दुष्कर्म में जेल गए
- 361 डकैती में जेल गए
- 1,286 लूट की घटना के आरोपी बने
गोरखपुर में बाहर से आकर वारदात करने वाले बदमाश
- 134 ने यहां आकर हत्या की
- 17 ने महिलाओं से लूट या दुष्कर्म के बाद हत्या की
- 167 ने डकैती डाली
- 361 ने लूट की
सबसे ज्यादा बाहरी गोरखपुर में आते हैं वारदात करने
गोरखपुर शहर में सबसे ज्यादा बदमाश दूसरे जिलों से आकर वारदात को अंजाम देते हैं। दस साल के आंकड़ों के मुताबिक, 679 बदमाश ऐसे हैं, जो गोरखपुर में कमाने आए और अपराध करने लगे। देवरिया में 365 के करीब बदमाश दूसरे जिले से आकर वारदात करते हैं जबकि कुशीनगर में यह संख्या 144 की है तो महराजगंज में 78। बस्ती परिक्षेत्र की बात करें तो यहां 229, संतकबीरनगर में 214 और सिद्धार्थनगर में 55 ऐसे बदमाश हैं। गोरखपुर जोन के 11 जिलों की बात करें तो ऐसे कुल बदमाशों की संख्या 2,345 है।
चोरी, लूट की घटना में बाहरियों पर ज्यादा शक
शहर में चोरी-लूट की घटनाओं में सबसे ज्यादा बाहरियों पर ही पुलिस को शक हो रहा है। स्थानीय बदमाशों से पूछताछ और जांच पड़ताल के बाद पुलिस को लग रहा है कि कोई बाहरी इन वारदात को अंजाम दे रहा है। खास बात यह है कि जिस इलाके में यह किराये पर रहते हैं, उस इलाके में वारदात नहीं करते बल्कि दूसरे थाना क्षेत्र में वारदात करते हैं, जिससे उनके ऊपर किसी को शक न हो।
केस- 1
नौ अगस्त 2021 को राजघाट इलाके में व्यापारी सुरेंद्र सिंह से 45 लाख रुपये कीमत के गहने लूटे गए थे। पुलिस ने जांच कर पर्दाफाश किया तो दो आरोपी पंजाब के और एक संतकबीरनगर का निकला। पता चला कि दोनों व्यापारी सुरेंद्र सिंह की तरह ही यहां पर सोने-चांदी की खरीदारी करने आते थे और किराये के धर्मशाला में रुकते थे। यहीं से रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों पर पहले से कोई केस नहीं था और जब पुलिस पंजाब पहुंची तो घरवाले भी हैरान थे।
केस- 2
पुलिस ने 11 अप्रैल 2022 को चोरी की सात बाइक के साथ उरुवा बाजार के परमजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घरवालों को यही पता था कि वह पड़ोसी जिला कुशीनगर में रहकर प्राइवेट काम करता है। मगर, वह शहर में किराये के कमरे में रहकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पकड़े जाने के बाद उसके घरवालों को इसकी जानकारी हुई।
केस- 3
मार्च 2021 में भाजपा नेता बृजेश सिंह की हत्या में शामिल दोनों शूटर पंजाब के रहने वाले थे। वे गोरखपुर में आए और किराये का कमरा लेकर रहे। यहां उन्होंने यही बता रखा था कि काम धंधे की तलाश में आए हैं। हत्या के बाद दोनों फरार हो गए। स्थानीय लोगों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस को शूटरों के बारे में जानकारी हुई। पुलिस ने राप्तीनगर इलाके में किराये के कमरे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद किया था।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि पुलिस लगातार बदमाशों की निगरानी कर रही है। अपने जिले में आकर वारदात करने वाले हों या फिर अपने जिले से बाहर जाकर अपराध करने वाले, सबका सत्यापन किया जा रहा है। ताकि पुलिस उनकी नियमित निगरानी कर संगठित अपराध को रोक सके।