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बदमाशों की ऑनलाइन लिस्ट तैयार: अपने घर में शरीफ, जिला बदलते ही हो जा रहे कुख्यात

Tue, 19 Apr 2022 12:39 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।

सार

एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि पुलिस लगातार बदमाशों की निगरानी कर रही है। अपने जिले में आकर वारदात करने वाले हों या फिर अपने जिले से बाहर जाकर अपराध करने वाले, सबका सत्यापन किया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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खुद के जिले में शरीफ की छवि बनाकर गैर जनपद में अपराध करने वालों की कुंडली पुलिस ने तैयार की है। दस साल तक पुरानी घटनाओं में शामिल बदमाशों का डोजियर तैयार करने पर पता चला है कि कई ऐसे बदमाश हैं, जो दूसरे प्रांत से आकर यहां के कुख्यात बन गए और अपने जिले में अब भी शरीफ ही बने हुए हैं। इसी तरह गोरखपुर से बाहर जाकर अपराध करने वाले भी बदमाश हैं। अब पुलिस इन बदमाशों की सूचनाओं को संबंधित जिलों में भेजकर उनका सत्यापन करा रही है तो वहीं, अपने जिले से बाहर जाकर अपराध करने वालों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, सामने आया है कि गांव से शहर या फिर दूसरे जिले में कमाने जाने वाले लोग शॉर्टकट तरीके से दौलतमंद बनने के लालच में अपराध की दुनिया में पांव जमा रहे हैं। यही वजह है कि हत्या, लूट और डकैती जैसी वारदात में बाहर से आकर अपराध करने वाले हो या फिर गोरखपुर से बाहर जाकर अपराध करने वाले हों, सबकी निगरानी पुलिस कर रही है।

आमतौर पर गृह जिले से बाहर अपराध करने की वजह से इनके जिले में मॉनीटरिंग नहीं हो पाती थी। गोरखपुर जोन की पुलिस ने अपराधियों की कैटेगरी के साथ ही वह कहां के रहने वाले हैं, इस पर भी काम शुरू किया। जांच में सामने आया कि पहले स्थानीय स्तर पर जितने बदमाश होते थे, अब समय के साथ बाहरी बदमाशों ने उनकी जगह लेनी शुरू कर दी है।
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स्थानीय बदमाशों को डर रहता है कि वे पुलिस के रिकॉर्ड में हैं और आसानी से पकड़ लिए जाएंगे, जबकि बाहरी बदमाश कमाने के बहाने शहर में किराये पर रहता है और वारदात कर गायब हो जाता है। पुलिस के सत्यापन में ऐसे बदमाशों की संख्या हजारों में सामने आई है। वे अपने इलाके में शरीफ हैं और दूसरे जिले में अपराध करते हैं। पड़ताल में ऐसे बदमाशों की संख्या गोरखपुर जोन में 2,345 के करीब आई है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या गोरखपुर में आकर वारदात करने वाले बदमाशों की है।

गोरखपुर जिले के इतने बदमाशों ने दूसरे जिलों में किए अपराध

  • 612 बदमाश हत्या में जेल गए
  • 86 महिलाओं से लूट या दुष्कर्म में जेल गए
  • 361 डकैती में जेल गए
  • 1,286 लूट की घटना के आरोपी बने

गोरखपुर में बाहर से आकर वारदात करने वाले बदमाश

  • 134 ने यहां आकर हत्या की
  • 17 ने महिलाओं से लूट या दुष्कर्म के बाद हत्या की
  • 167 ने डकैती डाली
  • 361 ने लूट की

सबसे ज्यादा बाहरी गोरखपुर में आते हैं वारदात करने

गोरखपुर शहर में सबसे ज्यादा बदमाश दूसरे जिलों से आकर वारदात को अंजाम देते हैं। दस साल के आंकड़ों के मुताबिक, 679 बदमाश ऐसे हैं, जो गोरखपुर में कमाने आए और अपराध करने लगे। देवरिया में 365 के करीब बदमाश दूसरे जिले से आकर वारदात करते हैं जबकि कुशीनगर में यह संख्या 144 की है तो महराजगंज में 78। बस्ती परिक्षेत्र की बात करें तो यहां 229, संतकबीरनगर में 214 और सिद्धार्थनगर में 55 ऐसे बदमाश हैं। गोरखपुर जोन के 11 जिलों की बात करें तो ऐसे कुल बदमाशों की संख्या 2,345 है।

चोरी, लूट की घटना में बाहरियों पर ज्यादा शक

शहर में चोरी-लूट की घटनाओं में सबसे ज्यादा बाहरियों पर ही पुलिस को शक हो रहा है। स्थानीय बदमाशों से पूछताछ और जांच पड़ताल के बाद पुलिस को लग रहा है कि कोई बाहरी इन वारदात को अंजाम दे रहा है। खास बात यह है कि जिस इलाके में यह किराये पर रहते हैं, उस इलाके में वारदात नहीं करते बल्कि दूसरे थाना क्षेत्र में वारदात करते हैं, जिससे उनके ऊपर किसी को शक न हो।

केस- 1
नौ अगस्त 2021 को राजघाट इलाके में व्यापारी सुरेंद्र सिंह से 45 लाख रुपये कीमत के गहने लूटे गए थे। पुलिस ने जांच कर पर्दाफाश किया तो दो आरोपी पंजाब के और एक संतकबीरनगर का निकला। पता चला कि दोनों व्यापारी सुरेंद्र सिंह की तरह ही यहां पर सोने-चांदी की खरीदारी करने आते थे और किराये के धर्मशाला में रुकते थे। यहीं से रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों पर पहले से कोई केस नहीं था और जब पुलिस पंजाब पहुंची तो घरवाले भी हैरान थे।
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केस- 2
पुलिस ने 11 अप्रैल 2022 को चोरी की सात बाइक के साथ उरुवा बाजार के परमजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घरवालों को यही पता था कि वह पड़ोसी जिला कुशीनगर में रहकर प्राइवेट काम करता है। मगर, वह शहर में किराये के कमरे में रहकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पकड़े जाने के बाद उसके घरवालों को इसकी जानकारी हुई।

केस- 3
मार्च 2021 में भाजपा नेता बृजेश सिंह की हत्या में शामिल दोनों शूटर पंजाब के रहने वाले थे। वे गोरखपुर में आए और किराये का कमरा लेकर रहे। यहां उन्होंने यही बता रखा था कि काम धंधे की तलाश में आए हैं। हत्या के बाद दोनों फरार हो गए। स्थानीय लोगों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस को शूटरों के बारे में जानकारी हुई। पुलिस ने राप्तीनगर इलाके में किराये के कमरे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद किया था।

एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि पुलिस लगातार बदमाशों की निगरानी कर रही है। अपने जिले में आकर वारदात करने वाले हों या फिर अपने जिले से बाहर जाकर अपराध करने वाले, सबका सत्यापन किया जा रहा है। ताकि पुलिस उनकी नियमित निगरानी कर संगठित अपराध को रोक सके।
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