मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रावासों में 3.57 करोड़ रुपये से मॉड्यूलर किचन बनेगा। इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके जरिये मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। यह बनने के बाद एफएसएसएआाई के पास सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जाएगा।
दरअसल, देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्रावासों के मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। इस वजह से संंबंधित संस्थान की किरकिरी तो होती ही है, छात्र और उनके परिजन भी हमेशा आशंकित रहते हैं। इसे देखते हुए एमएमएमयूटी प्रशासन ने पिछले वर्ष मॉड्यूलर किचन को लेकर प्रस्ताव तैयार किया था।
वित्त समिति और प्रबंध बोर्ड ने इसके लिए 3.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाने को मंजूरी भी दे दी थी। अब उस दिशा में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय में कुल 12 हॉस्टल संचालित हैं, जिनमें चार में मॉड्यूलर किचन की व्यवस्था मौजूद है।
शेष आठ हॉस्टलों क्रमश: सरस्वती, कल्पना चावला, कस्तूरबा और सरोजनी हॉस्टल (छात्राओं) और तिलक, रामानुजम, आंबेडकर और रमन हॉस्टल (छात्र) में मॉड्यूलर किचन बनेगा। मॉड्यूलर किचन बनने से न केवल फूड सेफ्टी विभाग के सभी मानकों की पूर्ति होगी बल्कि मेस पूरी तरह हाइजेनिक और आधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएंगे। इसका लाभ विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में मिलेगा।
मॉड्यूलर किचन के प्रस्ताव को वित्त समिति और प्रबंध बोर्ड से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इससे छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। एफएसएसएआई के मानक के अनुरूप किचन बनवाए जाएंगे। उसके बाद प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया जाएगा: प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी