फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गांव में पहुंचा कोरोना, कोविड के भय से थमी मनरेगा की रफ्तार

Sat, 08 May 2021 12:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

1294 गांवों में रोजाना महज पांच से छह हजार मानव दिवस ही सृजित हो पा रहे
विज्ञापन
मनरेगा योजना के तहत काम करते लोग। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर शहर के साथ ही साथ अब गांवों में भी कोरोना संक्रमण के पैर पसारने की वजह से मनरेगा का काम भी तकरीबन ठप पड़ गया है। जिले की 1294 पंचायतों में रोजाना महज पांच से छह हजार मानव दिवस ही सृजित हो पा रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 40 हजार मानव दिवस के पार होता है।

विज्ञापन


पिछले साल के लॉकडाउन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए रोजाना एक लाख कार्य दिवस तक सृजित किए गए थे। हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव की वजह से भी दो महीने से अधिकारी इस योजना की तरफ बहुत ध्यान नहीं दे पा रहे थे।

एक बार फिर शासन स्तर पर प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर मनरेगा जॉब कार्ड के नवीनीकरण, नए जॉब कार्ड बनाने और संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रवासी श्रमिकों के रोजगार के लिए फिर से योजनाएं तैयार करने को भी कहा गया है।
विज्ञापन


ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तालाब, पीएम आवास योजना और चकरोड बनाने के काम चल रहे हैं, मगर संक्रमण के भय से ज्यादा लोग काम नहीं करना चाह रहे।

सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने डीसी मनरेगा, डीपीआरओ व अन्य अधिकारियों को योजना बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रवासियों को गांव में ही रोजगार दिया जा सके। जिन लोगों के पास मनरेगा जॉब कार्ड है, उनको काम मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन



 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें