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विशेष बातचीत: एमएमएमयूटी की कुलपति प्रो. अनुपमा का विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार, एआई आधारित शोध पर जोर

Sun, 07 Jun 2026 06:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा रजनी ओझा, गोरखपुर

सार

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने तैयार किया नया रोडमैप, अमर उजाला से साझा की कार्ययोजना।
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प्रो. अनुपमा कौशिक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी संभाले कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक को 12 दिन हुए हैं। 26 मई को जिम्मेदारी संभालने के साथ ही उन्होंने अपना विजन एकदम स्पष्ट कर दिया।उनका मानना है कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार की चुनौती तो है पर इसके लिए एआई आधारित शोध, बेहतर प्लेसमेंट केंद्रित कार्ययोजना तैयार है और इस पर काम भी शुरू हो चुका है। संस्थान में खुद की नियुक्ति को महिलाओं के लिए एक अवसर की तरह मानते हुए उन्होंने महिला नेतृत्व, छात्रों की सुरक्षा को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। ग्रीन कैंपस मॉडल की परिकल्पना के साथ ही सेंटर फॉर फूड एंड ड्रग टेक्नोलॉजी विभाग की स्थापना उनके एजेंडे का हिस्सा है। विश्वविद्यालय के विकास के लिए तैयार रोडमैप पर विस्तार से उनसे बात की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश....

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विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी
सबसे पहले तो हम विश्वविद्यालय की रैंकिंग पर काम करेंगे, बल्कि करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर इसे पहचान दिलाने लक्ष्य है। हमने प्लेसमेंट, शोध, नवाचार को बढ़ावा देने पर अपना काम शुरू किया है। 

ग्रीन कैंपस मॉडल पर काम
विश्वविद्यालय की बिल्डिंग पुरानी है, हालांकि पुराने कुलपति ने काफी अच्छा काम किया है। अभी भी मरम्मत का काम चल रहा है लेकिन इसे और भी बेहतर करने कि तैयारी कि जा रही है। अन्य विश्वविद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है ताकि यहां भी सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। हॉस्टल और कैंटिन के निकले कचरे का इस्तेमाल करके हम बायो गैस बनाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से भी अनुमति मिल गई है। 
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प्लेसमेंट और इंडस्ट्री कनेक्ट पर जोर
छात्रों के लिए लैब और भी तकनीकी सुविधाओं को और बेहतर बनाना है। हम तकनीक को उद्योग तक पहुंचाने का काम करेंगे ताकि हमारे छात्रों को उद्योगों की जानकारी हो सके। हमारा लक्ष्य है कि एआई सिर्फ एकेडमिक सीमा तक सीमित न रहे। इसे लोगों तक पहुंचाया जाए और इसके लिए जो भी मदद है हम करेंगे।इस काम में तेजी लाई जाएगी और नैक की रैंकिंग को बेहतर बनाने की दिशा में काम होगा। 

एआई केद्रित योजना: छात्रों और आम लोगों के लिए भी
हमारे यहां इंर्टनशिप प्रोग्राम चल रहा है। इससे हमारे छात्र एआई और आईओटी बेस्ड कृषि के बारें में एआई का कैसे प्रयोग कर सकते है। इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। आईटोटी एक ऐसी तकनीक है जो हमारे दैनिक जीवन की भौतिक वस्तुओं (जैसे- फ्रिज, बल्ब, कार, घड़ी आदि) को इंटरनेट से जोड़कर उन्हें स्मार्ट बनाती है। हम लोगों ने जिन गांवों को गोद लिया वहां कार्यशाला करेंगे और वहां के किसानों और बच्चों को इसकी जानकारी देंगे उन्हें टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनाया जाएगा।  सबसे पहले जिन गांव को गोद लिया गया उनको टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा। साथ ही आगे किस तरह के दौर आने वाले हैं, क्या संभावनाएं होंगी, उसके बारे में जानकारी दी जाएगी, लोगों को तैयार किया जाएगा।

हर स्टूडेंट बनेगा आत्मरक्षा में काबिल, फिटनेस भी जरूरी
वीसी ने कहा कि छात्रावास, विश्वविद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।हमारी कोशिश है कि हर छात्र आत्मरक्षा के काबिल हो, इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सभी स्टूडेंट्स के लिए जिम भी खुलेगा।

नई भर्ती में महिलाओं के लिए मौके
जिस तरह मुझे मौका मिला है, मैं नई भर्ती में महिलाओं को मौके दूंगी।  साथ ही विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में महिलाओं को आगे लेकर आने का भी प्रयास किया जाएगा।
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