मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडेशन काउंसिल (नैक) से ए ग्रेड हासिल करने के बाद अब अगले वर्ष पुनर्मूल्यांकन की योजना बनाई है। विश्वविद्यालय, इस बार नैक की ग्रेडिंग में कुछ ही नंबरों से ए प्लस ग्रेड पाने से वंचित रह गया है। मूल्यांकन की तैयारी में कुछ सुधार के बाद विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि पुनर्मूल्यांकन में उसे ए प्लस ग्रेड मिल जाएगा।
दरअसल, नैक किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान को मूल्यांकन के एक वर्ष बाद पुनर्मूल्यांकन कराने का अवसर देता है। विश्वविद्यालय इसी अवसर का लाभ उठाना चाहता है। विश्वविद्यालय को नैक ने मूल्यांकन के बाद 3.12 अंक दिये थे। अगर यह अंक 3.27 तक पहुंच जाता है तो विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग ए से बदलकर ए प्लस हो जाएगा।
कुलपति ने पुनर्मूल्यांकन के लिए नैक के सभी सात मानकों पर खरा उतरने के लिए गठित कमेटी को फिर से सक्रिय कर दिया है। साथ ही कुछ कमियों की समीक्षा के बाद कुछ नए बिंदु पर भी काम करने का निर्देश दिया गया है। सभी कमेटियों में दो-दो छात्रों को शामिल किया जाएगा। ये छात्र बीटेक द्वितीय व तृतीय वर्ष और एमटेक के होंगे।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय की जो तैयारी थी, उसके मुताबिक कम से कम ए प्लस ग्रेड मिलने की उम्मीद दी। लेकिन, कुछ अंकों की कमी से ए ग्रेड मिला। अगले वर्ष नैक में पुनर्मूल्यांकन के लिए जाएंगे। इसके लिए टीमों को जिम्मेदारी दे दी गई है।