- उद्योग जगत के दिग्गज विकास कौशल को एमएमएमयूटी देगा सर्वोच्च अकादमिक सम्मान
- एचपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल होंगे दीक्षांत में मुख्य अतिथि
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में इस बार हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएससी) की मानद उपाधि दी जाएगी। इस संबंध में कुलाधिपति की औपचारिक स्वीकृति विश्वविद्यालय को प्राप्त हो गई है। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के हाथ से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। विकास कौशल एमएमएमयूटी की मानद उपाधि प्राप्त करने वाले पांचवें प्रतिष्ठित व्यक्तित्व होंगे। इससे पहले ई. श्रीधरन, एनआर नारायण मूर्ति, एसनंबी नारायण और वी. नारायणन को यह सम्मान दिया जा चुका है।
विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने तैयारियों की समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। समारोह के दौरान कुशीनगर के 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को कुलाधिपति द्वारा आंगनबाड़ी किट भी वितरित की जाएगी। दीक्षांत समारोह से पहले आयोजित होने वाले दीक्षोत्सव में विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक खेल, काव्य, निबंध, भाषण, देशभक्ति गायन और लोकनृत्य प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के बच्चों के लिए पर्यावरण गीत, देशभक्ति गायन, लोकनृत्य तथा मेरी मां विषय पर भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस बार समारोह का विशेष आकर्षण मां-बेटी सम्मेलन होगा, जिसका आयोजन दीक्षांत समारोह के तुरंत बाद आर्यभट्ट सभागार में किया जाएगा। सम्मेलन की अध्यक्षता स्वयं कुलाधिपति करेंगी। इससे पहले 40 से 50 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा, जिसके आधार पर छात्राओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा, करियर, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल जागरूकता और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर माताओं और बेटियों के साथ संवाद आयोजित होगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य माताओं को बेटियों की शिक्षा और समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।