फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमएमएमयूटी: शुल्क में हेराफेरी पर शासन सख्त, जांच के दिए निर्देश

Wed, 17 Jan 2024 03:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

एमएमएमयूटी में कोरोना के समय विद्यार्थियाें को वार्षिक की जगह सेमेस्टरवार शुल्क जमा करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन सेमेस्टर परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों से नो ड्यूज लिया नहीं गया। विद्यार्थियों ने बिना शुल्क जमा किए अगले सेमेस्टर में प्रवेश ले लिया और परीक्षा भी दे दी।
विज्ञापन
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में विद्यार्थियों के शुल्क में हेराफेरी और बिना नोड्यूज प्रमाणपत्र लिए ही प्रवेश की अनुमति देने के मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


एमएमएमयूटी में कोरोना के समय विद्यार्थियाें को वार्षिक की जगह सेमेस्टरवार शुल्क जमा करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन सेमेस्टर परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों से नो ड्यूज लिया नहीं गया। विद्यार्थियों ने बिना शुल्क जमा किए अगले सेमेस्टर में प्रवेश ले लिया और परीक्षा भी दे दी। बीते वर्ष सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने के पहले कुलपति के निर्देश पर नो ड्यूज प्रमाणपत्र की व्यवस्था इस बार सख्ती से लागू की गई।

ऐसे में जब रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि अलग-अलग वर्षों के करीब 800 विद्यार्थियों का पूर्व में शुल्क जमा नहीं हुआ है। इसके बाद इन सभी विद्यार्थियों को नोटिस दिया गया कि वे शुल्क जमा करें। बहुत सारे विद्यार्थियों ने कुलपति से मुलाकात कर शुल्क की रसीद दिखा दी।
विज्ञापन


हालांकि, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर शासन को अवगत कराने को कहा है। इसके बाद से विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा गया है।

कुलपति प्रो जेपी सैनी ने कहा कि जांच कराकर जिन विद्यार्थियाें ने शुल्क नहीं जमा किया था उनसे जमा कराया गया है। शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें