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एमएमएमयूटी : शोध के लिए शिक्षकों को मिलेगी 50 हजार सीड मनी

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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने शिक्षकों को शोध कार्य शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये की सीड मनी और विश्वविद्यालय फेलोशिप श्रेणी के शोधार्थियों को 20 हजार रुपये की वार्षिक कंटीजेंसी ग्रांट देने का निर्णय लिया है।
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सीड मनी का लाभ नियमित और संविदा दोनों श्रेणियों के सहायक आचार्य एवं सह आचार्य को मिलेगा। यह राशि दो चरणों में दी जाएगी। पहले चरण में 60 प्रतिशत और शेष 40 प्रतिशत राशि शोध कार्य की प्रगति के मूल्यांकन के बाद जारी होगी। प्रस्ताव को वित्त समिति की मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे प्रबंध बोर्ड की स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे नए शिक्षक बाहरी वित्तीय सहायता का इंतजार किए बिना प्रारंभिक शोध, प्रयोग और परियोजनाएं शुरू कर सकेंगे। साथ ही वे बड़े शोध अनुदानों के लिए मजबूत प्रस्ताव भी तैयार कर पाएंगे।
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इसके अलावा विश्वविद्यालय फेलोशिप प्राप्त शोधार्थियों को पहले तीन वर्षों तक हर वर्ष 20 हजार रुपये की कंटीजेंसी ग्रांट मिलेगी। चौथे वर्ष में भी यह सुविधा जारी रह सकती है लेकिन इसके लिए शोधार्थी का कम से कम एक शोध-पत्र एससीआई सूचीबद्ध जर्नल में प्रकाशित होना अनिवार्य होगा।


दोनों योजनाएं विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को मजबूत करेंगी। इससे शिक्षकों को शोध कॅरिअर की शुरुआत में और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध एवं प्रकाशन के लिए संस्थागत सहयोग मिलेगा। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि इन पहलों से उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों, बाहरी वित्त पोषित परियोजनाओं, पेटेंट और तकनीक आधारित नवाचारों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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- प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति, एमएमएमयूटी
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