विधायक ने कहा कि अवर अभियंता दो महीने पहले ही निरीक्षण कर जान चुके थे कि 250 मीटर हिस्से में सड़क बनाई जा चुकी है, फिर भी इसे जोड़कर 300 मीटर की जगह 550 मीटर सड़क का शिलान्यास कराया गया। यह मामला बेहद गंभीर है। पूरे मामले की जांच कराके आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सड़क का नया इस्टीमेट बनाकर भेजा जाना चाहिए। नगर विधायक के एक भी सवाल का जवाब अवर अभियंता नहीं दे सके। इस मौके पर स्थानीय पार्षद प्रभाकर पासवान, बृजेश सिंह, अवर अभियंता डीके सिंह मौजूद रहे।
पूर्व पार्षद की शिकायत के बाद पहुंचे थे निरीक्षण करने
सेमरा वार्ड के पूर्व पार्षद महेश पासवान ने नगर विधायक से इस संबंध में शिकायत की थी। बृहस्पतिवार सेमरा पहुंचे नगर विधायक के निरीक्षण में सामने आया कि 550 मीटर में 250 मीटर में सड़क पहले ही सीसी बनवाई जा चुकी है।
26 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क का डूडा पीओ ने किया था निरीक्षण
सेमरा नंबर एक के पार्षद प्रभाकर पासवान का कहना है कि तकरीबन तीन महीने पहले नगर निगम ने सेमरा नंबर एक वार्ड में बीरबल के मकान से रामअवध के घर होते हुए मलिन बस्ती तक के करीब 550 मीटर सड़क में से 250 मीटर सड़क का निर्माण कराया था। इसे करीब 26 लाख रुपये की लागत से नगर निगम निधि से बनाया गया था। करीब डेढ़ महीने डूडा परियोजना अधिकारी ने इस सड़क का निरीक्षण भी किया था।
अपर नगर आयुक्त व परियोजना निदेशक डीके सिन्हा ने बताया कि सड़क का जितना काम बचा है, उतना ही कराया जाएगा। किसी तरह की अनियमितता नहीं होने पाएगी। जो बजट बचेगा, उसे सूडा को वापस कर दिया जाएगा। अभी कार्यों का शिलान्यास हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका। इसी तरह वार्ड 21 की एक सड़क का निर्माण विधायक निधि से हो गया है। इसका पैसा भी सूडा को वापस कर दिया जाएगा।
डूडा परियोजना अधिकारी विकास कुमार सिंह ने बताया कि यह दो साल पुरानी डीपीआर है। जिसे नगर निगम द्वारा बनाया गया है। सेमरा वार्ड में कुछ हिस्से में सीसी सड़क का निर्माण किया गया है। हमारा काम रबर मोल्डिंग इंटरलॉकिंग का है। ऐसे में रबर मोल्डिंग इंटरलॉकिंग की जगह सीसी रोड का भुगतान करा लेना संभव नहीं है। जो रोड बन गई है उसको छोड़कर डीपीआर में जो क्षेत्र आते हैं उसका भुगतान कराया जाएगा। सभी तरह की जांच के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।