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गोरखपुर: लाखों रुपये बिजली बिल बकाया, फिर भी मिला नया कनेक्शन

Mon, 26 Sep 2022 01:33 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है। अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है कि बकाएदारों की जानकारी रखें। जो लंबे समय से बिल नहीं दे रहे हैं, उन्हें डिफाल्टर कीश्रेणी में डालकर कनेक्शन की जांच करें। मामले की जांच कराई जाएगी। दोष साबित होने पर दंडात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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बिजली का बिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजली बिल बकाया है, फिर भी बक्शीपुर क्षेत्र में दो कनेक्शन दे दिए गए। सूरजकुंड बिजली घर से जुड़े चकिया कवलदह मोहल्ले के समीउल्लाह ने 4.67 लाख रुपये बकाया हैं। इसी तरह हरिश्चंद्र ने जुलाई 2019 में कनेक्शन लिया था, लेकिन आज तक बिजली बिल नहीं बन सका।

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नगरीय वितरण खंड द्वितीय बक्शीपुर क्षेत्र के सूरजकुंड बिजली घर से जुड़े तकिया कवलदह मोहल्ले के समीउल्लाह के परिसर में लगे बिजली कनेक्शन (संख्या-6216112000) पर मार्च 2022 तक करीब 4.67 लाख का बिल बकाया था। इसके बावजूद 26 जून को समीउल्लाह की पत्नी के नाम से नया कनेक्शन (संख्या-5336661121) जारी कर दिया गया। जब कभी भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं की जांच हुई तो मामला खुलकर सामने आ गया।

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पता चला कि दोनों कनेक्शनों की आईडी पर एक ही मोबाइल नंबर फीड है। टीम में शामिल अभियंताओं ने इस प्रकरण को संदिग्ध श्रेणी में डालकर अफसरों को अवगत कराया। इसी तरह माधोपुर बंधा क्षेत्र के हरिश्चंद्र के परिसर में जुलाई-2019 में  बिजली कनेक्शन (संख्या-1623811185) दिया गया था। परिसर में बिजली मीटर भी लग गया।

ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम में आधी-अधूरी फीडिंग होने से बिल जनरेट नहीं हो सका। इसका फायदा उठाते हुए हरिश्चंद्र ने जून 2022 में नया कनेक्शन ले लिया। जांच करने पहुंचे कर्मचारी परिसर में नया कनेक्शन देखकर भौचक रह गए। उन्होने अभियंताओं को अवगत कराया कि परिसर में दो कनेक्शन दिए गए हैं।
 

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कनेक्शन तो पीडी हो गया है, हमें नहीं पता

उपभोक्ता समीउल्लाह ने कहा कि बकाए के बाद कनेक्शन पीड़ी कर दिया गया। बकाया है, इसकी जानकारी नहीं है। परिसर में दूसरा कनेक्शन अपनी पत्नी के नाम से लिया है। निगम के जिम्मेदारों ने ही मदद की है। यह सब अपने आप नहीं होता है। क्या गलत हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है।

मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है। अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है कि बकाएदारों की जानकारी रखें। जो लंबे समय से बिल नहीं दे रहे हैं, उन्हें डिफाल्टर कीश्रेणी में डालकर कनेक्शन की जांच करें। मामले की जांच कराई जाएगी। दोष साबित होने पर दंडात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।

 
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