यही नहीं लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की उड़ान शुरू हुई। धीरे-धीरे दिल्ली की चार फ्लाइटें हो गईं। प्रयागराज, कोलकाता के लिए भी उड़ान शुरू हो गई। तब से लगातार करीब ढाई महीने तक दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद आदि शहरों से आने वाली फ्लाइटों में यात्रियों की संख्या गोरखपुर से जाने वालों की तुलना में अधिक रह रही थी। मगर जुलाई के पहले सप्ताह से यहां से जाने वाले यात्रियों की संख्या, आने वालों की तुलना में बढ़ गई है।
पिपराइच के जियाउल हैदराबाद की एक फर्नीचर कंपनी में पिछले सात-आठ साल से काम करते हैं। जियाउल कहते हैं कि कंपनी की तरफ से उन्हें लगातार काम पर वापस बुलाया जा रहा था। जब उन्होंने ट्रेन की दिक्कत बताई तो कंपनी की तरफ से एयर टिकट भेज दिया गया। चार दिन बाद उनकी फ्लाइट है।
पिपरौली के विनोद प्रजापति का कहना है कि उनके छोटे भाई राघवेंद्र, मुंबई के कल्याण में स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री में दर्जी का काम करते हैं। लॉकडाउन में घर लौट आए थे। कंपनी ने उन्हें अपने खर्च पर पिछले सप्ताह विमान से मुंबई बुलाया।