गोरखपुर मंडल के जिलों की जांच अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी के जिम्मे हो गई है। जबकि आरएमआरसी बस्ती और आजमगढ़ मंडल के जिलों की जांच करेगा। शासन की ओर से यह फैसला अधिक सैंपल आने की वजह से लिया गया है। अब तक तीनों मंडलों की जांच आरएमआरसी के जिम्मे थी।
कोरोना महामारी के बीच आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) की शाखा आरएमआरसी ने पूर्वांचल में सबसे पहले जांच शुरू की थी। जांच के दौरान बस्ती और गोरखपुर मंडल के अलावा अयोध्या जिले की जांच की जिम्मेदारी आरमएआरसी को मिली थी।
इस बीच आजमगढ़ मंडल और बनारस के भी नमूने आने लगे। इसकी वजह से आरएमआरसी पर जांच का दबाव ज्यादा बढ़ गया। इसे देखते हुए बीआरडी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने आईसीएमआर (इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से जांच की अनुमति मांगी।
करीब 10 दिन पूर्व आईसीएमआ ने जांच की अनमुति दी। अनुमति मिलने के बाद विभाग ने जांच शुरू की। जांच के नतीजे बेहतर आने पर शासन ने गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज जिले की जांच की जिम्मेदारी माइक्रोबायोलॉजी विभाग को दी है।
जबकि आरएमआरसी के जिम्मे बस्ती मंडल के बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़ मंडल आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर की जांच की जिम्मेदारी मिली है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य ने बताया कि गोरखपुर मंडल के जिलों की जांच बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग कर रहा है। जबकि आरएमआरसी बस्ती और आजमगढ़ मंडल के जिलों की जांच कर रहा है।