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Gorakhpur News: मीटर रीडर की नहीं मानी बात, 10 दिन में 70 हजार बिल देने करने का आरोप

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घघसरा। नगर पंचायत घघसरा उपकेंद्र से जुड़े मीटर रीडर की बात नहीं मानना उपभोक्ता को भारी पड़ गया। कोड़री उर्फ हड़ही निवासी जगजीत कुमार का आरोप है कि दस दिन में बिल में 70 हजार रुपये की वृद्धि भी हो गई। परेशान होकर उन्होंने डीएम और बिजली निगम के अधिशासी अभियंता से शिकायत की है।
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जगजीत ने शिकायती पत्र में बताया कि उनके पास दो किलोवाट का कनेक्शन है। बकाया बिल भुगतान के लिए मई 2025 में मीटर रीडर से मिला। आरोप है कि उसने बिल को फाइनल कराने के लिए रिश्वत मांगी लेकिन जगजीत ने देने से मना कर दिया। दिसंबर में बिल राहत योजना की जानकारी हुई तब जाकर उपकेंद्र पर बिल चेक कराया। आरोप है कि बिल एक लाख 92 हजार से बढ़कर 2.62 लाख रुपये बताया गया। इसके बाद दस दिन में बिल में 70 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो गई। इसका कारण पूछने घघसरा एसडीओ ऑफिस पहुंचा तो वहां समाधान नहीं हो सका।
अधिशासी अभियंता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। एसडीओ घघसरा को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। वहीं, सहायक अभियंता सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पीडी हो गया था कनेक्शन, भेज दी 1.40 लाख की आरसी
गोरखपुर। साहबगंज निवासी बृज मोहन गोयल का बिजली कनेक्शन पीडी होने के बावजूद बिजली निगम की ओर से उपभोक्ता को 1.40 लाख की आरसी भेज दी गई। इसे बाद में उपभोक्ता की शिकायत व चेंबर ऑफ कॉमर्स की पहल पर बिजली निगम की ओर से भेजी गई आरसी निरस्त की गई। इससे उपभोक्ता ने राहत की सांस ली है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंहानिया ने बताया कि साहबगंज के बृज मोहन गोयल को कनेक्शन के पीडी (बकाया जमा कर कनेक्शन बंद कराना) होने के बाद भी जारी बिजली निगम की ओर से 1,40,976 रुपये की भेजी गई। आरसी निरस्त कराने के लिए उपभोक्ता की ओर से दिए गए आवेदन पर बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता से शिकायत की गई। अधिशासी अभियंता की ओर से मामले की जांच करते हुए आरसी वापस ली गई। बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता अतुल रघुवंशी ने बताया कि उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन पहले ही पीडी हो गया था। सिस्टम पर अपडेट नहीं होने के कारण आरसी भेज दी गई थी। शिकायत को संज्ञान में लेकर सिस्टम पर अपडेट कराकर आरसी वापस ली गई है।
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