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मानसिक रूप से बीमार महिला को भी है इस बात का ज्ञान, बच्चे को दिया जन्म, कहा- मत छुओ हो जाएगा कोरोना

Sat, 18 Apr 2020 12:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • मानसिक रूप से बीमार महिला बच्चे को नहीं दे रही छूने
  • खुद ही पानी और ब्रेड खिला रही
  • अस्पताल प्रशासन ने महिला को छाया मातृ चैरिटेबल फाउंडेशन को सौंपा
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधाता ने इस महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं दी, लेकिन इतनी समझ जरूर दी कि कोई बच्चे छुएगा तो कोरोना हो सकता है।  बृहस्पतिवार की देर रात एक मानसिक रूप से बीमार महिला ने रुस्तमपुर के दुर्गा चौक के पास बच्चे को जन्म दिया तो आसपास के लोगों ने जिम्मेदारी निभाते हुए उसे महिला अस्पताल पहुंचा दिया।

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वहां पहुंचने पर शुक्रवार की सुबह स्वास्थ्यकर्मियों ने देखा कि वह बच्चे को बोतल से पानी पिला और बिस्कुट खिला रही थी। इस पर कर्मियों ने नवजात को उससे अलग करने की कोशिश की तो वह बोली, मत छुओ बेटे को कोरोना हो जाएगा। यह सुनकर सभी हैरत में रह गए।  

हतप्रभ स्वास्थ्यकर्मी सोचने लगे काश, यह बात सबके समझ में आ जाती। वे समझ नहीं पा रहे थे कि यह कोरोना के खौफ का असर है या फिर मां की ममता। इसके बाद हेल्प डेस्क मैनेजर अमर नाथ जायसवाल ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना पर नगर निगम चौकी इंचार्ज अरविंद कुमार राय, चाइल्ड लाइन की नीलम सिंह और राजू पासवान, छाया मातृ चैरिटेबल फाउंडेशन के आलोक पांडेय पहुंचे।
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अमरनाथ ने बताया कि महिला बच्चे को छूने तक नहीं दे रही थी। इसकी वजह से बच्चे को खतरा ज्यादा था। बताया कि पूरे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। वह सिर्फ एक ही रट लगाए हुए थी कि मत छुओ बेटे को, नहीं तो कोरोना हो जाएगा।

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पांच दिन पहले हुई थी एडमिट

हॉस्पिटल के मैनेजर डॉ. कमलेश ने बताया कि किसी तरह बच्चे को अलग करते हुए एसएनसीयू में भर्ती कराया है। फिलहाल वह पूरी तरह से स्वस्थ है। महिला को मातृ छाया चैरिटेबल फाउंडेशन को सौंप दिया गया है। वह महिला की काउंसिलिंग करेंगे।

मानसिक रूप से बीमार महिला कमला के नाम से पांच दिन पहले महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। उसका इलाज चल रहा था। अचानक वह वहां से भाग गई। अमरनाथ जायसवाल ने बताया कि महिला का कोई नाम नहीं जानता था और न ही वह अपना नाम बता पा रही थी। इसलिए उसका नाम कमला रखते हुए भर्ती करा दिया गया था।

क्या महिला के साथ दुष्कर्म हुआ ?
महिला के व्यवहार को देखकर वह मानसिक रोगी प्रतीत होती है, मगर वह कहां से आई। उस महिला का पति कौन है ? यह सब अंधेरे में है। कुछ लोगों ने यह अंदेशा भी जताया कि कहीं महिला से किसी ने दुष्कर्म तो नहीं किया, जिसका नतीजा यह बच्चा है । खैर, जिस तरह के अभी हालात हैं, पुलिस के पास वास्तव में यह सब देखने की फुरसत नहीं है। मगर, फुरसत होते ही उसे यह देखना चाहिए कि सड़क पर घूम रही मानसिक रोगी महिला गर्भवती कैसे हो गई?
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