-राजकीय स्कूलों में किशोरियों को स्कूल की तरफ से सेनेटरी पैड देने का प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मिशन निदेशक से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जिले में किशोरियों और महिलाओं को माहवारी स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं है। यह न तो दोष है, और न ही इससे कोई महिला या लड़की अपवित्र होती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि मासिक धर्म या माहवारी शरीर की स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसमें साफ-सफाई का विशेष महत्व है। किशोरी सुरक्षा योजना के तहत सभी राजकीय स्कूलों में दस से उन्नीस वर्ष तक की किशोरियों को सरकारी खर्चे पर स्कूल द्वारा सेनेटरी पैड देने का प्रावधान है। इसे पाना हर किशोरी का हक है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के पांच वर्ष के आंकड़ों (2019-21) के अनुसार प्रदेश में 15 से 24 आयु वर्ग की 72.6 फीसदी महिलाएं माहवारी के दौरान सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल कर रही हैं। इस स्थिति में और भी सुधार लाने की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन आदि बीमारियों से बचाया जा सकता है।
किशोर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके वर्मा ने मासिक धर्म के दौरान आराम के साथ पौष्टिक भोजन के सेवन को भी आवश्यक बताया।