90 फीसदी संक्रमण का खतरा कम
बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ वाणी आदित्य ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता व्यवहार न अपनाने पर आगे चल कर सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय से संबंधित दिक्कतें भी आ सकती हैं। सेनेटरी पैड के इस्तेमाल से 90 फीसदी संक्रमण का खतरा कम रहता है। सेनेटरी पैड हर चार घंटे में बदलना चाहिए।
पौष्टिक भोजन भी अनिवार्य
तुर्कमानपुर की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ दिशा चौधरी ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान न केवल आराम की आवश्यकता होती है, बल्कि पौष्टिक भोजन का सेवन भी किया जाना चाहिए। सतर्कता का व्यवहार न अपनाने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया जैसी बीमारी के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं।