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Menstrual Hygiene Day: डिजिटल युग में 28 फीसदी किशोरियों को सेनेटरी पैड के बारे पता नहीं, यह लापरवाही पड़ सकती है भारी

Sat, 28 May 2022 10:09 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

चिकित्सा अधिकारी डॉ दिशा चौधरी ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान न केवल आराम की आवश्यकता होती है, बल्कि पौष्टिक भोजन का सेवन भी किया जाना चाहिए। सतर्कता का व्यवहार न अपनाने से  यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया जैसी बीमारी के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं।
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सेनिटरी पैड। - फोटो : pexels
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विस्तार
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एक सेनेटरी पैड से किशोरी, युवतियां और महिलाएं कई बीमारियों से बच सकती हैं। इसका सही इस्तेमाल बांझपन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचा सकता है। इसके बावजूद डिजिटल युग में, जब सोशल नेटवर्क के जरिए छोटी से छोटी जानकारी लोगों के पास है, जिले की 28 फीसदी किशोरियां महावारी के दौरान सेनेटरी पैड की जगह कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। यह आंकड़े नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-पांच सामने आए हैं।

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सर्वे के दौरान पता चला कि 28 फीसदी किशोरियों को सेनेटरी पैड के बारे में जानकारी तक नहीं है। उन्हें पैड की जगह केवल कपड़े के बारे में पता है। वहीं, नेशनल फैमिली हेल्स सर्वे-चार में यह आंकड़ा 48 फीसदी था। शहर के ट्रांसपोर्टनगर की मलिन बस्ती की रहने वाली युवती ने बताया कि तुर्कमानपुर हेल्थ पोस्ट पर उन्हें किशोरी दिवस के अवसर पर बुलाया गया था।

कार्यक्रम में जाने से पहले वह पीरियड के दौरान कपड़े का इस्तेमाल करती थीं। उन्हें जानकारी नहीं थी कि सरकारी अस्पतालों में निशुल्क सेनेटरी पैड मिलता है। कपड़े के इस्तेमाल के कारण खुजली, जलन और कई बार माहवारी के अनियमित होने की समस्या आती थी। किशोरी दिवस पर युवती को पैड के बारे में जानकारी देकर निशुल्क सेनेटरी पैड दिया गया।
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90 फीसदी संक्रमण का खतरा कम
बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ वाणी आदित्य ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता व्यवहार न अपनाने पर आगे चल कर सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय से संबंधित दिक्कतें भी आ सकती हैं। सेनेटरी पैड के इस्तेमाल से 90 फीसदी संक्रमण का खतरा कम रहता है। सेनेटरी पैड हर चार घंटे में बदलना चाहिए।

पौष्टिक भोजन भी अनिवार्य
तुर्कमानपुर की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ दिशा चौधरी ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान न केवल आराम की आवश्यकता होती है, बल्कि पौष्टिक भोजन का सेवन भी किया जाना चाहिए। सतर्कता का व्यवहार न अपनाने से  यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया जैसी बीमारी के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं।
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