इस दौरान दवाओं को सैनेटाइज करने के साथ ही ले जाने के दौरान ग्लब्स और अन्य सावधानियां भी बरती जाएगी। इसके पीछे की मंशा है कि अगर कोरोना काल में एक दवा मंडी बंद होने की नौबत भी आए तो दूसरा विकल्प तैयार रहे और फुटकर दुकानों तक दवा की उपलब्धता बनी रहे। व्यापारी कौशल किशोर गाडिया, अनुपम खेतान, अनूप जायसवाल, तुषार खेतान ने इस सोच को प्रशासन से साझा किया था और डीएम की अनुमति मिलते ही इसे अंतिम रूप दे दिया गया है।
यदि किसी की नियमित दवा चलती है और वह तीस हजार रुपये कीमत या फिर इमरजेंसी पड़ने पर संपर्क करेगा तो उसे डोर टू डोर भी दवा उपलब्ध कराया जाएगा। शहर के दस किलोमीटर के दायरे में यह सुविधा मिलेगी। दो घंटे के भीतर डिलिवरी व्वॉय दवा लेकर पहुंचेगा।
यह सुविधाएं मिलेंगी
कैशलेस खरीदारी, ब्रोकरेज एवं एक्सपायरी की तत्काल वापसी, सेनेटाइज पैकिंग एवं डिलिवरी, पेटेंट, जेनरीक, सार्जिकल, आयुर्वेदिक दवाएं, डर्मा एवं आई इयर ड्रॉप, फोन, व्हाट्सएप एवं मेल से ऑर्डर की सुविधा, इंजेक्शन की सप्लाई कुलचैन के द्वारा किया जाएगा।