मेडिकल कॉलेज स्थित खाद्य सुरक्षा विभाग के लैब में अभी खाद्य पदार्थों में सामान्य तरह की मिलावट की ही जांच हो पाती है। मसलन खाद्य तेल, मिठाई, नमकीन आदि में रंग या किसी तरह के केमिकल की मिलावट। संदेह पर हैवी मेटल या पेस्टीसाइड, इंसेक्टीसाइड की जांच के लिए नमूनों को लखनऊ या वाराणसी की लैब में भेजा जाता है मगर अब ये सभी जांचें भी यहीं पर हो जाएंगी।
प्रदेश में इन जिलों में है लैब
गोरखपुर, झांसी, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, आगरा।
गोरखपुर में इन जिलों के नमूनों की होती है जांच
बुंदेलखंड, झांसी, प्रयागराज और मुरादाबाद।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सहायक आयुक्त कुमार गुंजन ने कहा कि गोरखपुर में नई अत्याधुनिक लैब का निर्माण कार्य अगले साल तक पूरा हो जाएगा। इस लैब के बन जाने से यहां मीट, सब्जी, समेत खाद्य पदार्थों में हर तरह की मिलावट और दवाओं की गुणवत्ता भी जांची जा सकेगी। सवा एकड़ में बन रहे इस लैब पर 22 करोड़ रुपये खर्च होंगे।