आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में दिनेश यादव निरहुआ, भाजपा प्रत्याशी हो सकते हैं। वहां से निरहुआ ने 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन तब सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव से हार गए थे। अखिलेश यादव ने सीट छोड़ी तो अब उपचुनाव हो रहा है। अखिलेश अब विधायक हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
भाजपा संगठन के लिहाज से आजमगढ़, गोरखपुर क्षेत्र का हिस्सा है। लिहाजा, चुनावी तैयारी व प्रत्याशिता पर क्षेत्रीय कमेटी मंथन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कई दावेदार सामने आए हैं, लेकिन दिनेश यादव निरहुआ की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव में निरहुआ के गानों ने धूम मचाई थी। साथ ही भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया था। निरहुआ लगातार क्षेत्र में रहते हैं। जनता से संवाद भी कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार किया था, लेकिन अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिल सकी थी। यह मामला गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास भी पहुंचा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय कमेटी से संपर्क साधने की बात कही थी।
छह जून से नामांकन, 23 जून को मतदान
लोकसभा उपचुनाव के लिए छह जून को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। सात जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 23 जून को मतदान और 26 जून को मतगणना कराई जाएगी। इससे पहले ही भाजपा ने प्रत्याशी तय करने की कवायद शुरू कर दी है।