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Gorakhpur News: उत्तलम की जगह ‘मैक्स’ करेगा स्निफर ड्यूटी, बम की सूचना पर अब होगा तैनात

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गोरखपुर। पुलिस की डॉग स्क्वॉयड में अब नया बदलाव किया गया है। उत्तलम की मुत्यु के बाद उसकी जगह हाल ही में लाए गए सात वर्षीय बेल्जियम शेफर्ड ‘मैक्स’ को शामिल किया गया है। अब मैक्स किसी भी बम या संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर स्निफर डॉग की भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही उसे वीवीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
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डॉग स्क्वॉयड प्रभारी धनेश्वर चौहान ने बताया कि मैक्स को बस्ती से लाया गया है और यह टीम का सबसे तेज और सक्षम कुत्ता माना जा रहा है। इसे विशेष रूप से सुरक्षा और बम खोजने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। वर्तमान में गोरखपुर पुलिस डॉग स्क्वॉयड में कुल चार प्रशिक्षित कुत्ते तैनात हैं, जिनमें टोनी, जीएस, जूली और अब नया सदस्य मैक्स शामिल है। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए ट्रेनिंग दी गई है।
जीएस वीवीआईपी और सीएम सिक्योरिटी में स्निफर ड्यूटी निभाता है। टोनी ट्रैकर डॉग है, जो लापता व्यक्ति और अपराधियों का सुराग लगाने में माहिर है। जूली नारकोटिक्स डिटेक्शन के लिए एयरपोर्ट पर तैनात रहती है। अब मैक्स को बम खोजने और वीवीआईपी सुरक्षा के लिए शामिल किया गया है।
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टोनी ने पहले भी सुलझाए बड़े केस
डॉग स्क्वॉयड के सदस्य टोनी ने चिलुआताल क्षेत्र में लापता 10 वर्षीय बच्चे की खोज में अहम भूमिका निभाई थी। मात्र चार घंटे में उसने बच्चे की सही लोकेशन बता दी थी। वहीं एक पुराने अपहरण और हत्या के मामले में भी टोनी की निशानदेही बाद में बेहद अहम साबित हुई थी।
डॉग्स की ट्रेनिंग और देखभाल
धनेश्वर चौहान के अनुसार, डॉग स्क्वॉयड में शामिल कुत्तों की ट्रेनिंग बचपन से शुरू की जाती है। स्निफर और नारको डॉग को तीन महीने की उम्र से प्रशिक्षित किया जाता है, जबकि ट्रैकर डॉग की ट्रेनिंग नौ महीने से शुरू होती है। सभी कुत्तों की सुबह-शाम रिहर्सल कराई जाती है और विशेष भोजन जैसे दूध-रोटी, उबले अंडे और मीट दिया जाता है। उनके मनोरंजन के लिए फुटबॉल जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं।
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