नगर निगम चुनाव में आरक्षण के चलते महिला सीट होने से इस बार भाजपा के कई पूर्व पार्षद मैदान से बाहर हो गए थे। लेकिन, सभी अपनी पत्नी और मां को टिकट दिलाने में कामयाब हो गए हैं। टिकट मिलने के बाद इन नेताओं ने अब पूरी बागडोर अपने हाथों में ले ली है।
नगर निगम के पिछले बोर्ड में जीतकर गए भाजपा के कई पार्षद ऐसे हैं, जिनके वार्ड की सीट अब महिला हो गई है। लेकिन, सभी ने परिवार के सदस्यों के माध्यम से अपने वार्ड में टिकट पर कब्जा हासिल कर लिया है। वार्ड नंबर 15, हनुमंत नगर से रंजुला रावत को टिकट मिला है।
उनके पति राधेश्याम रावत निवर्तमान पार्षद हैं। वार्ड 46 शक्तिनगर से निवर्तमान पार्षद चंद्रशेखर सिंह ने महिला सीट होने पर अपनी मां ज्ञांती देवी को टिकट दिलाकर चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। यह सीट लंबे समय से चंद्रशेखर के कब्जे में थी।
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वार्ड नंबर 18 गायत्रीनगर महिला सीट हुई तो निवर्तमान पार्षद रमेश गुप्ता ने पत्नी संध्या गुप्ता से दावेदारी करा दी। अब उन्हें टिकट भी मिल गया है। इसी तरह, वार्ड नंबर 29 पंडित राम प्रसाद विस्मिल नगर से मंतालाल यादव की पत्नी मीरा यादव, वार्ड नंबर 46 से पूर्व पार्षद चंद प्रकाश श्रीवास्तव चंदू को पिछली बार टिकट नहीं मिला था। लेकिन, इस बार वे जोड़-तोड़ से पत्नी मीरा को टिकट दिलाने में कामयाब हो गए।
वार्ड 69 से श्रीराम चौक से महिला सीट होने पर निवर्तमान पार्षद संजय श्रीवास्तव अपनी पत्नी आरती श्रीवास्तव को टिकट को दिलाने में कामयाब हो गए। इसी तरह वार्ड 80 से निवर्तमान पार्षद बृजेश सिंह छोटू की सीट महिला हो गई तो उन्होंने पत्नी पूनम सिंह से दावेदारी करा दी। पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए टिकट भी दे दिया है।