अलाक्षणिक (हल्के लक्षण वाले) कोरोना मरीज अब घर पर ही आइसोलेट रह सकेंगे। शासन के इस फैसले के बाद जिले के 80 प्रतिशत मरीजों को राहत मिलेगी। क्योंकि जिले में अब तक 80 प्रतिशत मरीज अलाक्षणिक ही मिले हैं। विभाग का मानना है कि इस फैसले के बाद से लेवल-वन अस्पताल में बेड भी खाली रहेंगे। साथ ही जिनके पास होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं होगी, उन्हें आसानी से बेड उपलब्ध हो सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले ही अलाक्षणिक मरीजों को होम आइसोलेशन की सलाह दी थी। लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे नहीं लागू किया था। इस बीच अलाक्षणिक मरीजों की संख्या बढ़ी और जिलों में बेड कम पड़ने लगे तो शासन ने अब ऐसे मरीजों के होम आइसोलेशन का फैसला लिया है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अलाक्षणिक मरीज अगर घर पर होम आइसोलेट रहते हैं तो काफी संख्या में बेड खाली रहेंगे। मरीजों को इस दौरान नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। बताया कि जिले में 80 प्रतिशत मरीज अलाक्षणिक ही मिल रहे हैं।
विधायक ने उठाया था होम आइसोलेशन का मुद्दा
नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने होम आइसोलेशन के मुद्दे को 15 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, दोनों विभागों के अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे और अमित मोहन प्रसाद से बात कर उठाया था। उन्होंने अवगत कराया था कि अलाक्षणिक मरीज होम आइसोलेशन में रह सकते हैं। इससे लेवल वन के अस्पतालों में बेड की कमी भी नहीं होगी।