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यूपी के इस जिले में पक्षियों के मरने से मचा हड़कंप, जानिए बर्ड फ्लू है या कुछ और

Sat, 16 Jan 2021 03:34 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती/नगर बाजार।
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मृत पक्षी। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी है। नगर बाजार क्षेत्र के मटेरा गांव में करीब बीस पक्षियों को मृत देख लोगों में हड़कंप मच गया। लोग इसे बर्ड फ्लू की दस्तक मान भयभीत हो गए। फिलहाल रैपिड रिस्पांस टीम ने बर्ड फ्लू की आशंका से इनकार करते हुए कहा कि पक्षियों की मौत ठंड से हो रही है। घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।
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जानकारी के मुताबिक, मटेरा गांव में पक्षियों के मरने की सूचना पर वन विभाग के साथ पशुपालन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग के डिप्टी रेंजर मनीष कुमार, बहादुर व कलवारी के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केपी सिंह, कुदरहा के पशु चिकित्साधिकारी डॉ राजेश वर्मा, ग्राम प्रधान शफीक अहमद ने ग्रामीणों की मौजूदगी में मृत पक्षियों की जांच की।

प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों ने बताया कि पक्षियों की मौत की वजह बर्ड फ्लू नहीं है, पक्षियों की मौत ठंड लगने से हुई है, तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बता दें कि मंगलवार को सोनहा के मझौवा खुर्द गांव में एक दर्जन पक्षी अचेत मिले थे। इस मामले को भी रैपिड रिस्पांस टीम ने संज्ञान लेकर जांच की थी, जिसमें पाया गया था कि पक्षियों की मौत कीटनाशक से शोधित किए गए गेहूं के बीज खाने से हुई थी।
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अलर्ट है स्वास्थ्य विभाग

बर्ड फ्लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि फिलहाल अपने जिले में अब तक बर्ड फ्लू के एक भी मामले नहीं मिले हैं। इससे पहले टिनिच क्षेत्र में पक्षियों की मौत हुई थी, मगर वहां भी रैपिड रिस्पांस टीम ने जांच किया तो बर्ड फ्लू से संबंधित मामला नहीं मिला। सीएमओ ने कहा है कि बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए मुर्गा व मुर्गी के अलावा अंडे के प्रयोग से हो सके तो बचें। अंडे को कच्चा कतई न खाएं।

डीएफओ नवीन कुमार शाक्य ने कहा कि मटेरा में पक्षियों की मौत का मामला सामने आया है, मगर तीन चार की संख्या है। यह सभी पक्षी बुलबुल हैं, जिसकी जांच में यह पाया गया है कि उनकी मौत ठंड से हुई है। फिलहाल अपने जिले में कहीं कोई पक्षी ऐसा नहीं मरा है, जिसे बर्ड फ्लू कहा जाए। जांच के लिए सीरम पशु पालन विभाग एकत्रित कर रहा है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी त्रिवेदी ने कहा कि जिले में कहीं भी बर्ड फ्लू से किसी पक्षी की मौत का मामला अब तक सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मटेरा में आरआरटी मौके पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केपी सिंह के नेतृत्व में गई थी और मृत पक्षियों में जो लक्षण मिले हैं वह बर्ड फ्लू नहीं बल्कि ठंड से मौत के हैं।

क्या है बर्ड फ्लू

सीबीओ ने कहा कि अब तक अलग-अलग फार्म हाउसों से मुर्गों के 60 नमूने एकत्रित किए गए हैं, जिसे बरेली जांच के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सूचना पर टीम को मौके पर भेज कर जांच कराया जा रहा है।

एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि बर्ड फ्लू भी सामान्य फ्लू की ही तरह होता है। यह बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की वजह से होती है। यह वायरस पक्षियों के अलावा इंसानों को भी शिकार बना सकता है। बर्ड फ्लू इंफेक्शन चिकन, टर्की, मोर और बत्तख जैसे पक्षियों में तेजी से फैलता है। पहले बर्ड फ्लू का मुख्य कारण पक्षियों को ही माना जाता है, लेकिन कई बार यह इंसान को भी हो जाता है।
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बर्ड फ्लू के लक्षण

वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बर्ड फ्लू के लक्षणों में सांस लेने में दिक्कत, हमेशा कफ बने रहना, सिर में दर्द, नाक बहना, गले में सूजन, मशल्स में दर्द, उल्टी जैसा महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना आदि शामिल है।

इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू?
चिकित्सकों के मुताबिक, इंसानों में यह बीमारी मुर्गियों या संक्रमित पक्षी के बेहद निकट रहने से फैलती है। मनुष्यों में बर्ड फ्लू का वायरस आंख, नाक और मुंह के जरिए प्रवेश करता है। इस वजह से इसका बचाव यही है कि संक्रमित पक्षियों खासकर मरे पक्षियों से दूर रहें। संक्रमण वाले क्षेत्र में कोशिश करें कि ना जाएं। मांसाहार और अंडे खाने से बचें।
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