कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत में हत्यारोपी पुलिस वालों के निलंबन की भी जांच तेज कर दी गई है। जांच कर रहे एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी ने आरोपी पुलिस वालों को नोटिस जारी किया है। किसी आरोपी के नहीं मिलने पर नोटिस घर पर चस्पा कर दिया गया है। नोटिस में आरोपियों को छह दिन के अंदर प्रस्तुत हो बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं होटल में मनीष के साथ ठहरे दोस्तों प्रदीप और हरवीर को भी नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए तीन कार्य दिवस में बुलाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, भेजे गए नोटिस में अलग-अलग बातें लिखी गई हैं। हरवीर सिंह को भेजे गए नोटिस में लिखा गया है कि 27 सितंबर की रात में होटल में चेकिंग के दौरान मनीष गुप्ता निवासी ईडब्ल्यूएस 736 बर्रा-3 कानपुर की मौत होने के संबंध में पुलिस कर्मियों द्वारा एहतियात न बरतने, लापरवाही पूर्वक चेकिंग करने, अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, गैर जिम्मेदाराना, मनमानापूर्ण आचरण व स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में पुलिसकर्मियों के निलंबन की जांच की जा रही है। इस मामले में आपको अपना बयान दर्ज कराना है।
वहीं, दूसरी तरफ पुलिसवालों को दिए गए नोटिस में यही आरोप पुलिसकर्मियों पर लगाते हुए कहा गया है कि आप लोग इस आरोप पर अपना पक्ष रखें। एसपी नार्थ के मुताबिक, विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी के मुताबिक आरोपी अगर छह दिन में पक्ष रखने नहीं आए तो नोटिस दोबारा भेजा जाएगा। इसके बाद भी नहीं आने पर मान लिया जाएगा कि वे जवाब नहीं देना चाहते हैं, फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के लिए गई टीमों के हाथ कुछ न लगा
आरोपी पुलिस वालों की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस टीम को कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। पुलिस टीमें अमेठी, बलिया, लखनऊ सहित अन्य संभावित जगहों पर गईं थीं, मगर टीम के हाथ खाली हैं।
हाजिर हो सकते हैं आरोपी पुलिसकर्मी
कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में नामजद आरोपियों के कोर्ट में हाजिर होने की चर्चा आम है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी में देरी का फायदा आरोपी पुलिसकर्मी उठा सकते हैं। अभी एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आते ही वे कोर्ट में हाजिर होकर कानूनी रूप से अपना पक्ष रख सकते हैं।