गगहा। एफडी कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गगहा थाना पुलिस ने दो वर्ष बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, सोनइचा निवासी मदन मोहन मोदनवाल गांव में भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करता था। आरोप है कि वर्ष 2017 में उसने नगमा बानो और रूखसार बानो को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर सावधि जमा और एफडी कराने के लिए रुपये जमा कराए थे। नगमा बानो से एक लाख रुपये और रूखसार बानो से दो लाख रुपये एफडी के नाम पर लिए गए थे।
रुपये लेने के बाद आरोपी ने दोनों को फर्जी रसीद और कूटरचित दस्तावेज सौंप दिए। निर्धारित अवधि पूरी होने पर जब दोनों बहनों ने अपनी जमा धनराशि वापस मांगी तो वह टालमटोल करता रहा। संदेह होने पर जब पीड़िताओं ने बैंक में दस्तावेजों की जांच कराई तो वे फर्जी पाए गए। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
पीड़िताओं की तहरीर पर वर्ष 2024 में गगहा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी न होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर गगहा पुलिस ने परिहस्थी क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी ने बताया कि एफडी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी मदन मोहन मोदनवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।