सड़क हादसे में पहले पत्नी की मौत हो गई। दोनों बेटियां घायल हो गईं। बेटा गंभीर रूप से घायल था तो डॉक्टरों ने उसकी जिंदगी बचाने के लिए एक पैर काट दिए। उम्र भर की जमा पूंजी इलाज में खर्च हो चुकी है। लेकिन ऑपरेशन के बाद अस्पताल संचालक को देने के लिए परिजनों के पास रुपये नहीं है। पीड़ित रिश्तेदारों से मदद की गुहार लगा रहा है। लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। पीड़ित ने प्रशासन और अन्य लोगों से मदद की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा फुलवरिया निवासी सुरेश अपनी पत्नी गुड्डी (41 वर्ष), बेटी सलोनी (16 वर्ष), बेटा सत्यम (14 वर्ष) और उत्तम (7 वर्ष) को लेकर कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र परसौनी में शादी में शामिल होने गए थे। 13 मई को वापस आ रहे थे तो हाटा कोतवाली के शिवराजपुर चौराहे पर सड़क हादसे में पत्नी गुड्डी की मौत हो गई।
हादसे में सत्यम उर्फ गोलू, सलोनी और उत्तम घायल हो गए। सुरेश ने अपने गंभीर रूप से घायल बेटे को इलाज के लिए शहर के छात्रसंघ चौराहा स्थिति एक निजी अस्पताल में किसी तरह भर्ती कराया। इस बीच डॉक्टरों ने बताया कि बेटे सत्यम की हालत ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में उसका पैर काटना पड़ेगा। अगर पैर नहीं काटा गया तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सत्यम का एक पैर काट दिया। सुरेश ने बताया कि बेटे के इलाज के 25 हजार रुपये डॉक्टर को दिए जा चुके हैं। लेकिन अब भी 50 हजार से अधिक का बकाया है। लेकिन अब रुपये ही नहीं बचे हैं। रिश्तेदारों और परिचितों से सहयोग के लिए कहा गया है। लेकिन अब तक कोई सहयोग नहीं मिला है।
बताया कि कोरोना कर्फ्यू की वजह से काम भी नहीं मिल पा रहा है। अगर कोरोना कर्फ्यू न होता तो शायद कुछ काम भी मिल जाता। किसी तरह मजदूरी करके घर का गुजारा चलता था। पत्नी भी सहयोग करती थी लेकिन अब वह भी नहीं रहीं। सुरेश ने प्रशासन सहित अन्य लोगों से मदद की अपील की है। मदद के लिए लोग 9324372390 पर संपर्क कर सकते हैं।