फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवर-भाभी के बीच पति-पत्नी का रिश्ता!: भाई ने ली भाई की जान, 300 नंबरों की पड़ताल और 50 सीसीटीवी से खुला राज

Sat, 19 Sep 2026 06:18 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर

सार

हत्यारोपी संतोष को अपनी पत्नी और कार्तिकेश के बीच संबंध होने का शक था। इसी को लेकर उसने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लोहे की बांका (दाव), घटना के समय उसके द्वारा पहनी गई रक्तरंजित बनियान और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
विज्ञापन
हत्यारोपी संतोष मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के गोरखपुर स्थित बांसगांव थाना क्षेत्र में कार्तिकेश उर्फ शुभम हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतक के चचेरे भाई संतोष मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को अपनी पत्नी और कार्तिकेश के बीच अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक के चलते उसने 17 सितंबर को कार्तिकेश के सिर पर लोहे की बांका (दाव) से वार कर हत्या कर दी।

विज्ञापन

 

50 से अधिक सीसीटीवी और 300 फोन नंबर खंगाले गए
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आठ टीमें गठित की थीं। जांच के दौरान 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके साथ ही करीब 300 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया गया। मैनुअल इंटेलीजेंस से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल शुरू की, जिसमें संतोष मिश्रा का नाम सामने आया।

भाई को था भाई और पत्नी के बीच संबंध का शक
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि संतोष को अपनी पत्नी और कार्तिकेश के बीच संबंध होने का शक था। इसी को लेकर उसने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लोहे की बांका (दाव), घटना के समय उसके द्वारा पहनी गई रक्तरंजित बनियान और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।

अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
कार्तिकेश की हत्या के बाद 17 सितंबर को उसके चचेरे भाई ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर बांसगांव थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया। घटना के अनावरण के लिए थाना पुलिस के साथ एसओजी, एंटीथेफ्ट, स्वॉट और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया था।

जांच में सीसीटीवी और सीडीआर बने अहम कड़ी
पुलिस की जांच में घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबरों के सीडीआर का विश्लेषण महत्वपूर्ण रहा। करीब 300 मोबाइल नंबरों की गतिविधियों की पड़ताल और मैनुअल इंटेलीजेंस से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची। इसके बाद संतोष मिश्रा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया गया।
विज्ञापन

ये सामान हुआ बरामद
हत्या में प्रयुक्त लोहे की बांका (दाव)
घटना के समय आरोपी द्वारा पहनी गई रक्तरंजित बनियान
एक मोबाइल फोन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें