कोरोना ने जहां कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, वहीं ऐसी विकट परिस्थिति में परिवार के मुखिया के गुजर जाने के बाद उनके मित्र अभिभावक की भूमिका में आ खड़े हुए हैं। ऐसा ही कुछ हुआ गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामकुमार तिवारी के परिवार के साथ। कोरोना की वजह से जब उनकी मौत हो गई तो उनके एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य परिवार के अभिभावक की तरह आगे आए और उनकी बेटी के हाथ पीले कराए।
रामकुमार तिवारी ने पुत्री की शादी तय कर रखी थी। इसी बीच वे कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए और तमाम कोशिशों के बाद भी 24 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। उनके जाने के बाद उनके परिवार के सामने दोहरी चुनौती आ खड़ी हुई।
एक तो परिवार का मुखिया चला गया और दूसरी पहले से तय उनकी बेटी की शादी के टलने की नौबत आ गई। वर और वधु दोनों पक्ष ने निर्णय के बाद तय समय 21 मई को ही शादी संपन्न कराना तय हुआ। ऐसे समय में एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य अभिभावक की भूमिका में आगे आए।
सबने की मदद
सबने आर्थिक सहयोग किया और धूमधाम से स्वर्गीय रामकुमार तिवारी की बेटी की शादी तय तारीख पर ही संपन्न कराई। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनय धर दुबे ने कहा कि रामकुमार लंबे समय तक एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। अभिभावक की तरह मार्गदर्शन किया। उनकी मृत्यु के बाद हम सभी की उनके परिवार के प्रति नैतिक जिम्मेदारी थी। लिहाजा सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनकी बेटी की शादी में हर संभव सहयोग किया। साथ ही परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंह, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष विनय धर दुबे, महामंत्री गोलू सिंह, सह अध्यक्ष अब्दुल रशीद, अमरजीत दुबे, अरविंद, बबलू यादव, रामकृष्ण मिश्रा, विजय श्रीवास्तव, शत्रुघ्न यादव, मनीष सिंह आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।