जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों वन विभाग की टीम ने सागौन का बोटा बरामद किया था। पिटाई करने वाले लोग यह कहते हुए हरिश्चंद्र को पीट रहे थे कि आखिर क्यों वन विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना दी। वह बचाव के लिए अनुरोध करता रहा। लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। इस पूरे प्रकरण का विडियो बनाकर किसी ने वायरल कर दिया। इसके बाद इस मामले पर रविवार को कार्रवाई की गई।
थानाध्यक्ष शाह मोहम्मद ने बताया कि वीडियो देखकर चिन्हित करने के बाद चन्नीपुर निवासी कमलेश, अखिलेश, अवधेश, अर्जुन के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। पीड़ित हरिश्चंद्र का इलाज सीएचसी लक्ष्मीपुर में हो रहा है।
एसपी रोहित सिंह सजवान ने बताया कि वायरल वीडियो को तुरंत संज्ञान में लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है। जल्द ही सभी आरोपी पकड़ लिए जाएंगे।