कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार योजना शुरू करने, इनोवेशन व स्टार्टअप को बढ़ावा देने और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को शुरू करने, ऑनलाइन-ऑफलाइन वैल्यू एडेड कोर्स चलाने, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की तर्ज पर मूल्यांकन प्रणाली शुरू करने के साथ ही हर तीन वर्ष पर पाठ्यक्रमों की समीक्षा करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को देश के 10 श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में शामिल कराने के प्रयास का निर्णय कार्य परिषद ने लिया है। रविवार को हुई बैठक में इस लक्ष्य को हासिल करने के उपायों पर चर्चा की गई। तय हुआ कि अन्य सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की शिक्षण पद्धति पर अध्ययन और नवीन पाठ्यक्रमों को लागू कराया जाएगा। इसके अलावा नैक मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग के लिए प्रयास किया जाएगा।
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उप कुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत ने बताया कि कार्य परिषद ने सभी 70 बिंदुओं पर अनुमोदन प्रदान किया। इसके अनुसार, अगले शैक्षिक सत्र से बीएससी आनर्स (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, जूलॉजी, बॉटनी), बीबीए (लॉजिस्टिक, हेल्थकेयर), बीसीए, ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फॉरेंसिक साइंस, बैचलर ऑफ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री, बीएससी आनर्स (क्लीनिकल साइकोलॉजी, न्यूट्रीशियन एंड डाइटीशियन) के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा महायोगी शोध संस्थान की स्थापना के लिए कुलपति की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति के गठन की मंजूरी दी गई। इस समिति में डॉ. डीएस अजीथा, प्रो. सुनील कुमार तथा डॉ. विमल कुमार दूबे को शामिल किया गया है। इसके अलावा नैक मूल्यांकन के लिए अच्छी ग्रेडिंग के उपायों पर भी चर्चा की गई।
कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार योजना शुरू करने, इनोवेशन व स्टार्टअप को बढ़ावा देने और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को शुरू करने, ऑनलाइन-ऑफलाइन वैल्यू एडेड कोर्स चलाने, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की तर्ज पर मूल्यांकन प्रणाली शुरू करने के साथ ही हर तीन वर्ष पर पाठ्यक्रमों की समीक्षा करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। बैठक में कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी, कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रेम कुमार पांडेय, रामजनम सिंह, डॉ. सीएम सिन्हा, डॉ. डीएसी अजीथा, डॉ. शोभा गौड़, डॉ. प्रिंसी, डॉ. प्रज्ञा सिंह आदि मौजूद रहीं।