गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की राह आसान हो गई है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में शासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति ने श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय द्वारा प्रस्तावित स्थल का मौका मुआयना किया। मुआयना में प्रस्तावित विश्वविद्यालय शासन के मानक पर खरा मिला। विश्वविद्यालय के खुलने से पूर्वांचल के युवाओं को उच्च शिक्षा में पढ़ाई का एक और विकल्प मिल जाएगा।
गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय की ओर से शासन को निजी विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव गया था। जिसके बाद शासन की ओर से कुलपति की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बना दी गई। जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह, जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव समिति के सदस्य सचिव हैं। समिति ने निरीक्षण के दौरान भूमि की उपलब्धता, भवनों तथा अवसंरचनात्मक सुविधा, शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थिति, विकास संबंधी लक्ष्यों और नियोजन संबंधी आवश्यकताओं का प्रस्तावित पाठ्यक्रमवार गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण में समिति ने पाया कि निजी विश्वविद्यालय के मानक पर व्यवस्था पूरी कर ली गई है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का भवन अत्याधुनिक है और गुरु श्रीगोरक्षनाथ नर्सिंग कॉलेज नाम से एक कॉलेज पहले से संचालित है। समिति ने रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर दी है।
संचालित होने वाले मुख्य पाठ्यक्रम
बीएससी नर्सिंग, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीडीएस, एमबीबीएस, बीफार्मा, डीफार्मा, बीएससी एलटी, बीएससी एजी, बीए आनर्स, बीएससी आनर्स, बीकाम, बीएड, बीएससी-बीएड, बीए-बीएड, बीपीएड आदि।