यहां पर लोगों का आना जाना लगा रहा। सभी लोगों ने घटना की निंदा करते हुए हत्यारोपितों की तत्काल गिरफ्तार की मांग की। इस दौरान अधिवक्ता ब्रजेन्द्र मणि त्रिपाठी, छोटेलाल गुप्ता, राकेश गुप्ता, नूर आलम , छोटेलाल गुप्ता, अरूणेश शुक्ला, आकाश श्रीवास्तव, गौतम अग्रहरी, इंद्र कैलास गौंड, शशांक तिवारी, विराट गिरी, धनंजय, टिंकू मिश्रा, विनय पांडेय आदि मौजूद रहे।
उधर, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवनीश नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिअवक्ताओं ने फरेंदा रोड पर प्रदर्शन किया। मृत गौरव अधिवक्ता भी थे। इस वजह से अधिवक्ता समाज में भी आक्रोश व्याप्त है। अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन डीएम को सौपा। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए डीएम सत्येंद्र कुमार, एसपी प्रदीप गुप्ता ने मोर्चा संभाला और सभी को समझाने में जुटे गए।
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवनीश नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मृत अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाय। हत्यारोपितों की तत्काल गिरफ्तारी हो। कोतवाल की भूमिका संदिग्ध है, उनको निलंबित किया जाय। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए जरूरी प्रबंध किए जाय। उन्होंने कहा कि अगर चार सूत्री मांगों पर शासन प्रशासन गंभीर नहीं हुआ तो अधिवक्ता आन्दोलन करेंगे। इस दौरान महामंत्री संजीव कुमार श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, सुधांशु के साथ अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
शहीद पंकज त्रिपाठी के पिता भी पहुंचे
अधिवक्ता एवं भाजयुमो नेता गौरव के हत्या की खबर सुनकर शहीद पंकज त्रिपाठी के पिता ओम प्रकाश त्रिपाठी हरपुर बेलहिया से महराजगंज पहुंचे। यहां उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर ढांढ़स बधाया। उन्होंने बताया कि ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक भी पहुंचे सांत्वना देने
सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, फरेंदा के पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष परदेशी रविदास समेत अन्य दलों के लोग भी मृतक के घर पहुंचकर परिजनों का ढांढ़स बधाया।
आठ घंटे बाद अंतिम संस्कार के लिए माने परिजन
मृत गौरव जायसवाल के परिजनों को मनाने में सुबह छह बजे से दोपहर बाद दो बजे पुलिस प्रशासन को जूझना पड़ा। करीब आठ घंटे बाद परिजन माने और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हुए। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। अंतिम संस्कार करने के लिए सभी लोग त्रिमुहानी घाट पर पहुंचे।