सोशल मीडिया पर वायरल पत्र को आधार बनाकर पुलिस ने जांच की। पुलिस ने आरोपों में घिरे महंत और उस दौरान मौजूद सभी लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा हौशिलादास के परिजनों को भी पुलिस ने बुलाया था, उनका बयान भी दर्ज किया गया। उन्होंने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। उम्र ज्यादा होने और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसके मुताबिक, हौशिलादास की मौत स्वाभाविक है।
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एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि जिस महंत पर आरोप लगाया गया, उनके पास उनके सेवा का अधिकार पत्र मिला है। उस दौरान मौजूद सभी लोगों और महंत हौशिलादास के परिजनों का बयान दर्ज किया गया। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस की अब तक की जांच में मौत की वजह सामान्य है। अब पोस्टमार्टम के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत है, जिसके लिए आरोप लगाने वाले मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।