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Gorakhpur News: गोरखपुर में माफिया की संपत्ति कार्रवाई जब्त...अब सजा दिलाने की पहल करेगी पुलिस

Tue, 24 Oct 2023 02:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गोरखपुर जिले के टॉप-10 बदमाशों पर दर्ज केस की सूची तैयार कर पुलिस चार्जशीट दाखिल कर रही है। नए केस में साक्ष्यों के साथ ही चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही पुलिस को केस में पैरवी के लिए आदेश दिया गया है। इसकी निगरानी एडिशनल एसपी कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के टॉप टेन में माफिया को आर्थिक चोट देने के बाद अब पुलिस कोर्ट से सजा दिलाने के लिए पैरवी भी करेगी। हर माफिया के तीन बड़े-बड़े केस की सूची तैयार कर ली गई है, जिसकी विवेचना पूरी कर साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल की जा रही है।

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इसके बाद कोर्ट में समय से साक्ष्य देने के साथ ही गवाह की गवाही पुलिस कराएगी, ताकि कोर्ट की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ सके। एडिशनल एसपी रैंक के अफसरों को इसका नोडल भी बनाया गया है, इसके पीछे की मंशा है कि नियमित निगरानी कर कोर्ट में पैरवी कर सजा दिलाई जा सके और माफिया को जेल के सलाखों के पीछे ही रखा जाए।

जानकारी के मुताबिक, पहले सभी जिलों में टॉप बदमाशों की सूची तैयार की गई थी। लेकिन, कई ऐसे माफिया हैं, इस सूची में शामिल हैं, जिन्हें एक भी मुकदमे में कोर्ट से सजा नहीं हो पाई। इसके बाद एक बार फिर माफिया के पुराने मामले सामने आने लगे। किसी ने जमीन के नाम पर रंगदारी मांगी तो किसी ने जमीन को कब्जा कर लिया। इस तरह के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर लिया।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर अब पुलिस न उन दर्ज केस की विवेचना साक्ष्यों के साथ पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर ली है। कई मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है तो कई मामलों में दाखिल करने करने के लिए जांच को पूरा कर लिया गया है। अब इसी केस की पैरवी कोर्ट में पैरवी की जाएगी। एसएसपी के निर्देश पर सभी जिले के टॉप-10 बदमाशों के केसों की सूची तैयार की गई है। अब केस की तारीख पर पुलिस की ओर से पैरवी की जाएगी, ताकि सजा हो सके।

गोरखपुर जिले के टॉप-10 बदमाश

झंगहा निवासी राघवेंद्र यादव, गुलरिहा के राकेश यादव, बेलघाट के शैलेंद्र प्रताप सिंह, बांसगांव निवासी राधे उर्फ राधेश्याम यादव, कैंट निवासी सत्यव्रत राय, खजनी निवासी सुभाष शर्मा, कैंट के अजीत शाही, गीडा के मल्हीपुर निवासी प्रदीप सिंह, शाहपुर के सुधीर सिंह, गोरखनाथ के विनोद उपाध्याय का नाम शामिल किया गया है।

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फरार है एक लाख का इनामी विनोद, शरणदाता को भी कर रहे चिन्हित

गोरखपुर जिले के टॉप टेन बदमाशों में से अधिकतर जेल के अंदर हैं या फिर जमानत पर बाहर हैं, लेकिन माफिया विनोद उपाध्याय अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। जबकि, उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी हो चुका है। अब पुलिस उसके साथ ही उसके शरणदाता तक को चिन्हित करना शुरू कर दी है। क्योंकि, बिना किसी के मदद के माफिया का लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहना संभव नहीं है।

माफिया की आखिरी बार नेपाल में लोकेशन मिली थी, लेकिन इसके बाद से पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लग सका, जिसकी मदद से उसकी गिरफ्तारी हो सके। माफिया विनोद और उसके भाई संजय पर पहले 50-50 हजार रुपये का इनाम हुआ था। इसके बाद ही संजय उपाध्याय कोर्ट में हाजिर हो गया, लेकिन विनोद फरार चल रहा है। इस वजह से उस पर इनाम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया।

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यह करेगी पुलिस

  • दर्ज केस की विवेचना साक्ष्यों के साथ पूरी कर चार्जशीट दाखिल करना होगा
  • कोर्ट में केस की तारीख पर पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराना होगा
  • कोर्ट में गवाह को तय समय पर लेकर जाना होगा और गवाही करानी होगी
  • कोर्ट में सजा के लिए जिस भी साक्ष्य को मांगे जाने या आपत्ति होने पर उसका निस्तारण करेगी
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गोरखपुर जिले के टॉप-10 बदमाशों पर दर्ज केस की सूची तैयार कर पुलिस चार्जशीट दाखिल कर रही है। नए केस में साक्ष्यों के साथ ही चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही पुलिस को केस में पैरवी के लिए आदेश दिया गया है। इसकी निगरानी एडिशनल एसपी कर रहे हैं। सभी माफिया के लिए अलग-अलग एडिशनल एसपी को नोडल बनाया गया है। ये केसों की निगरानी करेंगे, ताकि इन्हें सजा दिलाई जा सके। इसकी नियमित निगरानी मैं खुद करता हूं।
 
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