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कोरोना काल में शान-शौकत से शादी की रस्म करने की मंशा पर फिरा पानी, यहां देखें शुभ मुहूर्त

Fri, 22 May 2020 02:38 PM IST
vivek shukla कुंदन सिंह कोठीभार।
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शादी - फोटो : अमर उजाला
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वैश्विक महामारी कोरोना ने जवां दिलों के अरमानों पर पानी फेर दिया है, तो वहीं बैंड बाजा बारात पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। इस वर्ष के कैलेंडर में नवंबर व दिसंबर माह में कुछ चंद मुहूर्त होने के कारण अब युवाओं को अपनी शादी के लिए अगले वर्ष के कैलेंडर का इंतजार करना होगा।

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इस हालत में पुरोहितों का बुरा हाल है। अप्रैल माह में विवाह के लिए हिंदू पंचांग में शुभ मुहूर्त का शुभारंभ हुआ लेकिन इसके पहले ही अपने देश भारत सहित संपूर्ण विश्व को कोरोना जैसी भयानक महामारी ने अपने आगोश में ले लिया।

महामारी के दौरान सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करने का आदेश जारी कर दिया। बीमारी बढ़ती गई तो नए-नए आदेश जारी होते रहे। इस बीच शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम नहीं करने का आदेश जारी हो गया।
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अप्रैल मई व जून माह में पड़ने वाले शादी समारोहों को टालना मजबूरी हो गई। कुछ कड़ी शर्तों के साथ अब जब शादी समारोह करने की छूट मिली है तो लोग खुशी के इस पल को आगे टालने पर ही विश्वास कर रहे हैं। कई युवा जोड़ों का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

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नवंबर व दिसंबर माह में बहुत कम है शादी समारोह की तिथि

आचार्य पंडित सुशील चंद उपाध्याय ने बताया कि 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यक्रम शुरू करने की शुभ तिथि आयोजित थी। अप्रैल माह में पांच मई माह में पंद्रह तिथि शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित थे।

ये सभी शादियां अब टल चुकी हैं। जून माह में आठ लगन है इसके बाद नवंबर माह में मात्र 20 व 25 दिसंबर माह में 1, 2, 6, 7, 8, 9, 11 व 13 तिथि को शुभ लगन का मुहूर्त है।

नवंबर व दिसंबर तक टली शादियां
आचार्य पंडित सुशील चंद उपाध्याय ने बताया कि जिन लोगों के विवाह के मुहूर्त इस अप्रैल, मई व जून के महीने में निश्चित हो चुके थे, वह सब अब वह मांगलिक कार्यक्रम नवंबर के अंत तथा दिसंबर के प्रथम पक्ष में करने का निर्णय कर चुके हैं। परंतु उन दिनों विवाह के मुहूर्त का काफी अभाव है।

उधर जनवरी, फरवरी व मार्च में विवाह का मुहूर्त नहीं होने के कारण लोगों के सामने काफी दिक्कतें आ गई हैं। अगले वर्ष में विवाह का शुभ मुहूर्त जानने के लिए अग्रिम वर्ष के पंचांग आने का इंतजार कर रहे हैं।
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