आचार्य पंडित सुशील चंद उपाध्याय ने बताया कि 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यक्रम शुरू करने की शुभ तिथि आयोजित थी। अप्रैल माह में पांच मई माह में पंद्रह तिथि शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित थे।
ये सभी शादियां अब टल चुकी हैं। जून माह में आठ लगन है इसके बाद नवंबर माह में मात्र 20 व 25 दिसंबर माह में 1, 2, 6, 7, 8, 9, 11 व 13 तिथि को शुभ लगन का मुहूर्त है।
नवंबर व दिसंबर तक टली शादियां
आचार्य पंडित सुशील चंद उपाध्याय ने बताया कि जिन लोगों के विवाह के मुहूर्त इस अप्रैल, मई व जून के महीने में निश्चित हो चुके थे, वह सब अब वह मांगलिक कार्यक्रम नवंबर के अंत तथा दिसंबर के प्रथम पक्ष में करने का निर्णय कर चुके हैं। परंतु उन दिनों विवाह के मुहूर्त का काफी अभाव है।
उधर जनवरी, फरवरी व मार्च में विवाह का मुहूर्त नहीं होने के कारण लोगों के सामने काफी दिक्कतें आ गई हैं। अगले वर्ष में विवाह का शुभ मुहूर्त जानने के लिए अग्रिम वर्ष के पंचांग आने का इंतजार कर रहे हैं।