गोरखपुर। सूर्यकुंड धाम में आयोजित शिव महापुराण कथा के 11वें दिन रविवार को कथावाचक पंडित अवनीश शुक्ला ने कहा कि भगवान शिव ओम के शब्दमय स्वरूप में परब्रह्म के रूप में प्रकट हुए हैं।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मा और विष्णु ने ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए तो उसके दक्षिण भाग में अकार, उत्तर में उकार और मध्य में मकार का दर्शन हुआ। अंत में ओम नाद का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि प्रणव के तीन अक्षरों से क्रमश: ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव का ज्ञान होता है। इससे पहले भगवान शिव, माता पार्वती और शिव परिवार का विधि-विधान से पूजन और शृंगार किया गया। सामूहिक रुद्राभिषेक में 76 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने शिव महिमा के भजन गाए और श्रद्धालुओं ने रुद्र यज्ञ में आहुति दी।
इस अवसर पर मदन राजभर, सुभाष मणि, उमेश चंद, दुर्गावती देवी, पूनम त्रिपाठी, मनोरमा देवी, यशी शुक्ला आदि मौजूद रहीं।