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अमर उजाला पड़ताल: गोरखपुर में ऑक्सीजन, कोरोना जांच और इलाज के नाम पर जमकर लूट-खसोट, लोगों की बेबसी का फायदा उठा रहे दलाल

Mon, 10 May 2021 09:42 AM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
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घर में आइसोलेट लाल बहादुर वर्मा। - फोटो : अमर उजाला।
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कोरोना संक्रमण के बीच एक तरफ जहां ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है। लोग ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल कराने के लिए घंटों लाइनों में लगे हैं। वहीं लोगों की बेबसी का फायदा उठाकर बिचौलिए जमकर लूट-खसोट में लिप्त हैं। दवा, आक्सीजन संयंत्र और आक्सीजन सिलिंडर के साथ ही अस्पतालों में मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। लोगों को हर जगह दो से तीन गुना दाम देने पड़ रहे हैं।
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अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। हर जगह कालाबाजारी का ऐसा सिस्टम काम कर रहा है कि आम लोग परेशान हैं। आक्सीजन सिलिंडर लोगों को 35 से 40 हजार में मिल रहा है वहीं कोरोना की जांच के नाम पर मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। अमर उजाला के पास सभी मामलों की वाइस रिकार्डिंग मौजूद है। पेश है पड़ताल करती रिपोर्ट।

38 हजार में दलाल ने दिलाया ऑक्सीजन सिलिंडर, एक घंटे में ही खत्म
शनिवार को सामने लूट खसोट का ऐसे ही एक वाकया सामने आया है। पिता की तबीयत खराब होने पर बेटी पूजा वर्मा को एक दलाल ने 38 हजार रुपये में आक्सीजन उपलब्ध कराया और दस हजार में रेगुलेटर। आक्सीजन एक घंटे में ही खत्म हो गया। जब पूजा ने दलाल से संपर्क साधा तो उसने रुपये देने से मना कर दिया। बाद में पूजा ने स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय से ये बातें साझा कीं। आजाद ने दलाल को अपने तईं समझाकर रुपये लौटाने को कहा तब जाकर उसने सिलिंडर भरवाने का आश्वासन दिया। 
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बस्ती से दिलाया था सिलिंडर

सूर्यविहार कालोनी, सूर्यकुंड निवासी सेवनिवृत्त शिक्षक लाल बहादुर वर्मा कोरोना संक्रमित होने के बाद घर पर ही आइसोलेट हैं। उनके साथ पत्नी, उनकी बेटी पूजा, बेटा, बहू व छह माह का बच्चा भी कोरोना संक्रमित हैं। लाल बहादुर का आक्सीजन लेवल 82 से 84 के बीच आ गया तो शनिवार को बेटी ने आक्सीजन की उपलब्धता के लिए रिश्तेदारों व परिचितों से संपर्क किया। कहीं से उसे एक व्यक्ति का नंबर मिला जिसने सिलिंडर उपलब्ध कराने को कहा। पूजा ने बताया कि उसने आक्सीजन सिलिंडर के लिए 38 हजार और रेगुलेटर के लिए दस हजार रुपये लिए। शाम को साढ़े पांच बजे आक्सीजन लगाया गया और एक घंटे में ही खत्म हो गया। रेगुलेटर भी सही से काम नहीं कर रहा था।

स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय ने बताया कि जब उन्होंने सिलिंडर उपलब्ध कराने वाले से बात की तो उसने बताया कि बस्ती से आक्सीजन मंगाया है, अधिक दाम तो लगेगा ही। जब रुपये लौटने का दबाव बनाया तो झल्लाकर दोबारा आक्सीजन भराने को कहा। आजाद ने कहा कि ज्यादा दाम वह वापस कराकर रहेंगे।

बेटी को होटल में ठहराया
लाल बहादुर वर्मा की बेटी में दिल्ली में रहकर नौकरी करती है। परिवार में सभी लोगों के संक्रमित होने पर सेवा के लिए फ्लाइट से शुक्रवार को गोरखपुर आई। घरवालों ने उसे घर आने से मना कर दिया। समझाया कि वह भी संक्रमित हो जाएगी। अब मुश्किल यह कि वह रात में कहां रुकेे, क्योंकि सभी रिश्तेदारों ने मना कर दिया। आजाद पांडेय ने बताया कि जब हेल्पलाइन नंबर के जरिए मेरे पास मदद मांगी गई तो उसे रात में होटल मालिक राघवेंद्र शाही की मदद से अपने संरक्षण में ठहराया। दूसरे दिन फ्लाइट से वह दिल्ली चली गई।
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