सीएचसी पिपरौली में डॉ. नीतू तिवारी ड्यूटी पर मौजूद थीं। प्रभारी चिकित्साधिकारी शिवानंद मिश्र समेत तीन डॉक्टरों की तैनाती है, जिसमें से डॉ अंजूलता यादव अवकाश पर हैं। शाम सात बजे अस्पताल में कोई मरीज मौजूद नहीं था। डॉ. नीतू ने बताया कि जीवनरक्षक दवाओं के अलावा एंटी रैबिज व एंटी स्नैक्स बॉयल मौजूद हैं।
प्रभारी चिकित्साधिकारी थे इमरजेंसी ड्यूटी में
कैंपियरगंज सीएचसी में सात बजे एक वार्ड बॉय रामकलेश मौजूद थे। 7.15 पर डाॅ. वीके वर्मा और चीफ फार्मासिस्ट शैलेंद्र पाठक 7.28 बजे अस्पताल में आए। 7.25 पर बिंदा नामक युवती को लेकर परिजन पहुंचे। इसे बिच्छू ने डंक मार दिया था, जिसका डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार किया। इस अस्पताल में डाॅ. प्रभात मद्धेशिया, डाॅ. ओपी वर्मा और डाॅ. उमर चंद सोनकर की भी तैनाती है, लेकिन डाॅ. ओपी वर्मा अवकाश पर हैं। डाॅ. उमर चंद सोनकर पीपीगंज सीएचसी से अटैच हैं।
बांसगांव सीएचसी पर शाम सात आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के डाॅ. जेपी वर्मा और फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश मिश्रा इमरजेंसी ड्यूटी में मौजूद थे। इस दौरान नगर पंचायत बांसगांव के वार्ड नं 4 निवासी विवेकानंद तिवारी अपनी मां काे इलाज के लिए लेकर आए। वह पेट दर्द से पीड़ित थीं। उनका इलाज किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कृष्ण मोहन अग्रवाल ने बताया कि यहां चार डॉक्टरों की तैनाती है।
ठर्रापार में भी मौजूद थे डॉक्टर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रापार की इमरजेंसी में डॉ. राजन यादव मौजूद थे। इस दौरान दिनेश यादव निवासी रामडीह तोरनी बुखार व दर्द का इलाज कराने पहुंचे थे। डाॅ. राजन ने बताया कि इमरजेंसी में पांच स्टाॅफ की ड्यूटी है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने कहा कि सभी डॉक्टरों को अपने तैनाती वाले स्थल पर रात्रि विश्राम का आदेश है। मुख्यमंत्री के निर्देश से सभी को अवगत कराया गया है। जहां कहीं डॉक्टर या अन्य कर्मचारी रात्रि विश्राम नहीं करते, उनके बारे में कार्रवाई होगी।