गोरखपुर रेलवे के खानपान मेन्यू में अब स्थानीय व्यंजन, मौसमी व्यंजन, त्योहारों के दौरान आवश्यक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार आधारित स्थानीय उत्पाद और स्वास्थ्य वर्धक व्यंजन भी शामिल होंगे। रेल मंत्रालय ने खानपान सेवा को बेहतर बनाने के लिए यात्रियों की मांग के आधार पर सूची तैयार कराने का निर्णय लिया है। खानपान की सूची तैयार करने के लिए रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को निर्देशित कर दिया है।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह के अनुसार मधुमेह रोगियों के लिए नाश्ता और भोजन, शिशुओं के भी खाने का इंतजाम किया जाएगा। खानपान सूची को दर के अनुरूप रखा जाएगा। सूची लागू करने के पूर्व यात्रियों की जानकारी के लिए नोटिफाई की जाएगी।
प्रीपेड यानी जिन ट्रेनों में खानपान शुल्क यात्री किराए में शामिल है, उनमें आईआरसीटीसी पहले से अधिसूचित दर के भीतर सूची तय करेगा। इसके अतिरिक्त इन ट्रेनों में सूची के आधार पर मिलने वाले खानपान एवं अधिकतम एमआरपी पर ब्रांडेड खाद्य पदार्थों के बिक्री की भी अनुमति होगी। दर आईआरसीटीसी ही तय करेगा।
अन्य मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए स्टैंडर्ड खानपान जैसे बजट सेगमेंट का मेन्यू में बदलाव पहले से अधिसूचित निर्धारित दर के भीतर तय किया जाएगा। जनता भोजन की सूची और दर अपरिवर्तित रहेगा। मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में अधिकतम खुदरा मूल्य पर सूची के आधार पर मिलने वाले भोजन एवं ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की बिक्री की अनुमति होगी।
खानपान सूची तय करते समय आईआरसीटीसी भोजन एवं सेवा की गुणवत्ता तथा मानकों में उन्नयन बनाए रखेगा। यात्रियों की शिकायतों से बचने के लिए मात्रा और गुणवत्ता में कमी और घटिया ब्रांडों के उपयोग से बचने के लिए सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित करेगा। दरअसल, रेलवे की खानपान सूची में यात्रियों के मनमाफिक नाश्ता और भोजन शामिल नहीं रहता। सफर में यात्रियों को खानपान को लेकर परेशान होना पड़ता है।