हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश राहुल दूबे ने मंगलवार को सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम फरेंदिया बुजुर्ग निवासी अभियुक्त विवेक सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। विवेक को चचेरे भाई विनय की हत्या में सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभयानंदन त्रिपाठी और धर्मेंद्र कुमार दुबे का कहना था कि वादी राम प्रताप सिंह सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम फरेंदीया बुजुर्ग के निवासी हैं। तीन अप्रैल 2018 को वादी अपने दोस्त के साथ खजुरी गए थे। छोटा बेटा विनय सिंह घर पर था। अगले दिन सुबह जब वह लौटे तो विनय घर पर नहीं था।
वादी ने खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। दो दिन इंतजार करने के बाद 6 अप्रैल 2018 को इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को सूचना देते समय उनके घर फोन आया कि विनय की हत्या करके शव खेत में फेंका गया है। हत्या के पीछे वादी ने अपने छोटे भाई के बेटे विवेक सिंह का हाथ होना बताया।
दौरान विवेचना अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया हुआ हंसिया बरामद किया गया। हत्या के समय पहने टी-शर्ट और लोवर भी बरामद किए गए।