खलीलाबाद से बैतालपुर तक तीसरी लाइन के लिए लाइट डिटेंशन एंड रेजिंग सिस्टम (लिडार) सर्वे की मंजूरी रेल प्रशासन ने दे दी है। तीसरी रेल लाइन के बिछने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होगा। इससे ट्रेनों को कैंट और नकहा स्टेशन पर रोकना भी नहीं पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड ने लाइन की क्षमता बढ़ाने के लिए खलीलाबाद से बैतालपुर तक फाइनल लोकेशन सर्वे की अनुमति पहले ही दे दी थी। अब इसके लिए बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है। कुसम्ही-बैतालपुर मार्ग के लिए 59 लाख तथा डोमिनगढ़- खलीलाबाद के लिए करीब 60 लाख रुपये मिले हैं। धन मिलने के बाद रेलवे प्रशासन ने सर्वे प्रक्रिया शुरू करने की कवायद तेज कर दी है।
तीसरी लाइन बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा रूट पर चलने वाली मालगाड़ियों के लिए फ्रेट काॅरिडोर साबित होगा। मालगाड़ियों के साथ यात्री ट्रेनों का संचालन भी दुरुस्त हो जाएगा। डोमिनगढ़- गोरखपुर-कुसम्ही लगभग 25 किमी मार्ग पर तीसरी रेल लाइन पहले से ही बिछ रही है। ज्यादातर काम हो चुका है, रामगढ़ताल पर तीसरे पुल का निर्माण भी तेज हो गया है। दिसंबर 2024 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार एवं विकास कार्य तेजी से चल रहा है। डोमिनगढ़- खलीलाबाद एवं कुसम्ही- बैतालपुर के बीच तीसरी रेल लाइन के लिए लिडार सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। नामित एजेंसी के माध्यम से दो से तीन माह में सर्वे कार्य पूरा करा लिया जाएगा।