गोरखपुर। नारकोटिक्स ग्रुप की दवाएं बिना बिल के बेचने के आरोप में औषधि प्रशासन ने गुलरिहा थाना क्षेत्र के झुंगिया बाजार में खुले अर्चना मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। ड्रग लाइसेंसिंग अथारिटी ने कार्रवाई का निर्देश जारी किया है। एक दिन पहले ही एम्स के पास संचालित गौरांग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई से नशीली दवाओं के धंधेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है।
औषधि निरीक्षक राहुल कुमार ने 25 जुलाई को अर्चना मेडिकल स्टोर की जांच की थी। यहां 18 तरह की नारकोटिक्स ग्रुप की दवाओं में से दुकानदार 11 दवाओं का बिल नहीं दिखा सका। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद डीएलए ने लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की। इससे पहले बृहस्पतिवार को औषधि प्रशासन ने एम्स के पास संचालित गौरांग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिन के लिए निरस्त कर दिया था। इस अवधि में दुकान बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
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पुलिस ने बंद कराया, फिर खुली दुकान
लाइसेंस निलंबित करने के बाद भी गौरांग मेडिकल स्टोर शुक्रवार को खुला रहा। हालांकि, बृहस्पतिवार को ही औषधि निरीक्षक ने दुकान पर पहुंचकर निलंबित अवधि तक दुकान बंद रखने को कहा था। साथ ही एम्स थाने में भी पत्र देकर दुकान बंद कराने का अनुरोध किया था। शुक्रवार सुबह एम्स थाने की पुलिस ने पहुंचकर मेडिकल स्टोर को बंद कराया। बताया जा रहा है कि पुलिस कर्मियों के जाते ही फिर दुकान खुल गई। डीआई ने बताया कि मामले की जानकारी डीएम को दे दी गई है।