मामले में कैंट थाना पुलिस ने बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान और दूसरे पक्ष से विजय पांडेय सहित कई लोगों पर मुकदमा भी दर्ज किया था। मामले में राजनीति शुरू होने के बाद 22 जून की देर रात प्रशासन ने हॉस्पिटल को सील कर दिया। इसके बाद तीन से चार दिनों के अंदर हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। तब से लेकर अब तक हॉस्पिटल सील ही है।
वहीं, शहर में जब कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तो जिला प्रशासन ने पनेशिया हॉस्पिटल को कोविड-19 अस्पताल बनाने पर चर्चा की। यह मुद्दा सीएम योग आदित्यनाथ के समक्ष भी रखा गया। आईएमए सचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रशासन से शनिवार दोपहर में इसे लेकर चर्चा हुई थी। शाम को सीएम के समक्ष मामला रखा गया था।
आईएमए के सचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि हॉस्पिटल में इलाज के लिए सामान्य मरीजों को आठ हजार और गंभीर मरीजों को 13 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज देना होगा। यह शुल्क शासन की ओर से निर्धारित किया गया है। आईएमए के डॉक्टर मरीजों की देखभाल करेंगे। मरीजों की संख्या अगर बढ़ेगी तो और बेड बढ़ा दिए जाएंगे।