अफसर चुनाव में व्यस्त, बाजार में जमाखोरी के चलते बढ़ रहा दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दो महीने में ही दाल के भाव में 50 रुपये बढ़ोत्तरी हो गई। हल्दी का भाव भी दोगुना हो गया है। इसके साथ तड़का लगाने वाले जीरे के दामों में भी तेजी आई है। आश्चर्य यह है कि लगन नहीं होने और बाजार में खरीदारी कम होने के बाद भी महंगाई बढ़ रही है। व्यापारियों को आशंका है कि ऐसा जमाखोरों के कारण हो रहा है, क्योंकि व्यस्त अधिकारियों का ध्यान बाजार से हटकर चुनाव में लगा हुआ है।
छह माह से गल्ला व किराना के सामान लगातार महंगे हो रहे हैं। हल्दी, दाल, खाद्य तेल, रिफाइंड की कीमत में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है। खान-पान के कई सामान पर महंगाई का असर अधिक है। गर्मी में लगन नहीं है, इसके बावजूद खाने-पीने के सामान के दाम बढ़ने से आम आदमी की जेब का बोझ बढ़ गया है। गृहिणी नीलू यादव का कहना है कि महंगाई में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। पहले जितने रुपये में किचन का काम चल जाता था, उतने रुपये खर्च करने के बाद सारे सामान नहीं आ पा रहे हैं। गल्ले व किराना की महंगाई का रसोई पर असर पड़ रहा है। साहबगंज के व्यापारी अनिल जायसवाल के अनुसार व्यापार में जमाखोर सक्रिय हो गए हैं, इस कारण महंगाई अनियंत्रित हो रही है।
लाल मिर्चा का भाव गिरा
गर्मी में बारिश कम होने के कारण हरी मिर्च पर्याप्त मात्रा में पहुंच रही है। ऐसे में लाल मिर्च की मांग कम हो गई है और इसके दामों में गिरावट देखने को मिली है। वहीं छोटी इलायची दो माह में 1000 रुपये किलो महंगी हो गई। साहबगंज के व्यापारी गोपाल जायसवाल ने कहा कि बारिश नहीं हुई तो लाल मिर्च सस्ती है, जबकि फसल सूखने के कारण छोटी इलायची महंगी हो गई है।
दो माह से बढ़ रही महंगाई
खाद्य पदार्थ पहले दाम अब दाम
हल्दी 90-110 185
दाल 132 169
सरसों तेल 116 139
जीरा 260 370
काली मिर्च 540 670
बड़ी इलायची 1200 1600
छोटी इलायची 1500 2500
लाल मिर्च 210 120
नोट : कीमत रुपये प्रति किलो में