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गोरखपुर: 18 दिन की हड़ताल के बाद खाली हाथ लौटे लेखपाल, अब काम के बोझ से दबे

Mon, 30 Dec 2019 08:04 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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मांगों को लेकर धरना देते लेखपाल। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर जिले में 18 दिन की हड़ताल के बाद खाली हाथ काम पर लौटे लेखपाल अब काम के बोझ तले दब गए हैं। मांगे तो पूरी नहीं र्हुइं अलबत्ता उनके सामने 24 हजार से अधिक जाति, आय, निवास प्रमाण पत्रों के साथ ही सीएम, राजस्व परिषद, संपूर्ण समाधान दिवस, कमिश्नर आदि के लंबित पड़े संदर्भों को निपटाने की चुनौती जरूर सामने आ गई है। हालांकि लेखपाल संघ के अध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश प्रसाद का कहना है कि अपर मुख्य सचिव राजस्व व राजस्व परिषद के चेयरमैन ने प्रदेश नेतृत्व को आश्वस्त किया है कि दो महीने के भीतर उनकी सभी मांगे पूरी कर दी जाएंगी।

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10 दिसंबर से जिले के लेखपाल हड़ताल पर थे। शनिवार की शाम प्रदेश नेतृत्व के कहने पर उन्होंने हड़ताल खत्म की। इस दौरान सभी तहसीलों में जाति, आय, निवास आदि के प्रमाण पत्रों के आवेदन लंबित पड़े थे जिसकी वजह से आवेदक बहुत परेशान थे। प्रमाणपत्र नहीं मिल पाने की वजह से कई आवेदक गोरखपुर और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शिक्षकों समेत अन्य विभागों में भी विभिन्न पदों की नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। हड़ताल खत्म होने की सूचना के बाद सोमवार को जैसे ही तहसील कार्यालय खुले, सुबह से ही आवेदकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और शाम तक तमामआवेदक अपने-अपने क्षेत्र के लेखपालों की तलाश में भटकते रहे।

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निलंबित लेखपालों ने भी किया काम

हड़ताल से नहीं लौटने पर शासन और प्रशासन स्तर से 15 दिसंबर के बाद से ही सख्ती शुरू हो गई थी। जिले में लेखपाल संघ के जिले और तहसील स्तर के अध्यक्ष व मंत्री समेत 32 लेखपालों को निलंबित करने के साथ ही 605 लेखपालों को सर्विस ब्रेक और ‘नो-वर्क नो-पे’ की नोटिस दिया गया। सोमवार को इन सभी लेखपालों ने भी काम किया। संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे ने बताया कि अपर मुख्य सचिव राजस्व ने आश्वासन दिया है कि जितने भी लेखपालों पर कार्रवाई हुई, उसे वापस लेने के लिए सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उधर जिला प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि निलंबन वापस लिया जाएगा।  

ये थी लेखपालों की मांगें
वेतन विसंगति को ठीक करने, वेतनमान बढ़ाने, राजस्व निरीक्षक के पदों में वृद्धि, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति एवं विभागीय परीक्षा के माध्यम से लेखपालों को अधिक अवसर प्रदान करने, पदनाम परिवर्तित कर लेखपाल के स्थान पर उप राजस्व निरीक्षक किए जाने, मोटर साइकिल भत्ता देने, पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थियों के सत्यापन के लिए पारिश्रमिक उपलब्ध कराना आदि।
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