कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं।(फाइल)
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गोरखपुर के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को अब कानून के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, कम्युनिकेशन स्किल, कॉमन इमोशनल एंड बिहेवियर प्रॉब्लम्स सरीखे जागरूकता के पाठ भी पढ़ाए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग ने किशोरियों के सशक्तीकरण के लिए शिक्षण के साथ प्रशिक्षण की योजना शुरू की है। तीन माह तक प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता को बढ़ाया जाएगा। उसके बाद शिक्षिकाएं विद्यालय में अध्ययरत 10-14 वर्ष की छात्राओं को प्रशिक्षण देंगी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा, समग्र शिक्षा ने राज्य के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण के लिए सक्रिय एवं दक्ष शिक्षिका का चयन करके राज्य परियोजना कार्यालय को सूचित करें। पहले चरण में जिले के 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में से 100 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद अन्य विद्यालयों में कार्यक्रम शुरू होगा।
ऑनलाइन होगा प्रशिक्षण
प्रत्येक कस्तूरबा विद्यालय की चयनित एक शिक्षिका को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। 50- 50 शिक्षिकाओं के दो बैच बनाए जाएंगे। सप्ताह में तीन दिन 3-3 घंटे का प्रशिक्षण सत्र होगा। नामित शिक्षिका को प्रशिक्षण के सभी सत्रों में प्रतिभाग करना अनिवार्य है। 26 मॉड्यूल पर आधारित प्रशिक्षण होगा।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि किशोरियों के समग्र विकास के लिए शिक्षण के साथ प्रशिक्षण प्रशिक्षण की योजना शुरू की गई है। प्रथम चरण में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रशिक्षण सत्र संचालित किए जाएंगे।