इस परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रादेशिक शिक्षा बोर्ड में नौवीं से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले और पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी में अंक पाने वाले वही विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय दो लाख रुपये से कम हो। जो विद्यार्थी कक्षा आठ में पढ़ रहे हैं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, वे इस परीक्षा में आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। पात्र विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड भी ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। 2022 में एक लाख से अधिक विद्यार्थी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए हुई परीक्षा में शामिल हुए थे और उनमें से 43 सफल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 17.3 लाख रुपये दिए गए थे।
एक एमबी से ज्यादा का न प्रमाणपत्र
विद्यार्थियों को फॉर्म में फोटो, पिछली कक्षा की मार्कशीट और आवासीय पते का प्रमाणपत्र लगाना होगा। कोई भी फोटो एक एमबी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, नहीं तो आवेदन अस्वीकृत हो जाएगा।
दृष्टिहीनों के लिए दो विशेष छात्रवृत्तियां
इस बार भी दृष्टिहीन विद्यार्थियों को दो विशेष छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। परीक्षा में उन्हें सहायक लाने की स्वीकृति दी जाएगी। इसमें ध्यान रखना होगा कि अपने से एक कक्षा नीचे का छात्र ही उनका सहायक सकता है। सहायक को स्कूल का आई कार्ड साथ लाना होगा।
एक मोबाइल नंबर से एक ही फॉर्म
विद्यार्थी फॉर्म भरते समय इस बात का ध्यान रखें कि एक मोबाइल नंबर से एक ही फॉर्म भरा जाएगा। अगर आप एक मोबाइल नंबर से एक से अधिक फॉर्म भरना चाहेंगे तो फॉर्म स्वीकार नहीं होगा। इसलिए एक मोबाइल नंबर से एक ही फॉर्म भरें।
छठी कक्षा से ही सपना है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर देश की सेवा कर सकूं पर मेरे इस लक्ष्य में बहुत सी बाधाएं थीं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति ★ ने मानों मेरे सपने में जान डाल दी और मैं आत्मविश्वास से भर गया। -छात्रवृत्ति से मिले पैसों से ही मैंने नौवीं की पढ़ाई की, जिसमें मैंने 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। - आदित्य कुमार झा, रोहतक।
मेरा बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण यह सब मुश्किल था। मेरे पिता जी एक ड्राइवर हैं। एक दिन मैंने अमर उजाला अखबार के माध्यम से अतुल महेश्वरी छात्रवृति के बारे में पढ़ा और इस परीक्षा को देकर मैंने 50 हजार रुपये की छात्रवृति हासिल की। मैंने 12वीं 92 प्रतिशत अंकों से पास की और अब इस छात्रवृति से मिले रुपयों से नीट की कोचिंग ले रही हूं। - श्रद्धा, धर्मशाला।