उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां हथियारों से लैस आधा दर्जन से अधिक नकाबपोश बदमाशों ने गुरुवार की आधी रात लार पिपराडीह स्थित ईंट-भट्ठे पर धावा बोलकर लूटपाट की। बदमाशों ने मजदूरों को एक कमरे में बंदकर उनके पास रखे 80 हजार रुपये और महिलाओं के जेवरात लूट कर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। जिले भर में चेकिंग अभियान चलाकर 25 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। एसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में हल्का दरोगा और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
लार थाने के पश्चिम तकरीबन 400 मीटर की दूरी पर पिपराडीह टोला निवासी चंद्रशेखर यादव का ईंट-भट्ठा है। वहां रांची के मजदूर काम करते हैं। रोज की तरह मजदूर भोजन कर अपने टिनशेड में सो गए। रात करीब एक बजे हथियारों से लैस छह से अधिक संख्या में नकाबपोश बदमाश गाड़ी से पहुंचे।
पिस्टल दिखाकर कमरे में किया बंद
भट्ठे से कुछ दूर लार-बरडीहा मार्ग पर गाड़ी खड़ी कर दी। बदमाशों ने भट्ठे पर अलग-अलग टिनशेड में सो रहे मजदूरों को जगाया और पिस्टल दिखाकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और लूटपाट शुरू कर दी। बदमाश मजदूरों के दो बैग में रखे 50 और 30 हजार रुपये लूट लिए।
विरोध करने पर असलहे के बट और थप्पड़ से मजदूरों की पिटाई की। कमरे में बंद की गई पिंकी मुंडा निवासी रांची और लक्ष्मीना उरांव रांची के पहने गहने कान के टॉप्स, नथिया और मंगल सूत्र, दो मोबाइल सेट, लूटकर बदमाश गाड़ी से फरार हो गए।
मजदूरों ने भट्ठा मालिक को सूचना दी। पुलिस को घटना की जानकारी देकर भट्ठा मालिक मौके पर पहुंचे और बाहर से बंद कमरे को खोलकर मजदूरों को बाहर निकाला। थोड़ी ही देर में पुलिस पहुंच गई। डकैतों की तलाश में पूरे जिले में चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया।
रात में ही एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर डकैतों की शीघ्र गिरफ्तारी का निर्देश दिया। पुलिस पूरी रात डकैतों की तलाश में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को दोपहर में एएसपी ने मजदूरों से घटना की जानकारी ली। डकैती की वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़ित ने अज्ञात आधा दर्जन से अधिक डकैतों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।